भूपेंद्र साहू
धमतरी।शहर की सड़कें को अब लोग ढूंढ रहे हैं क्योंकि कई जगह सड़क खत्म होकर उसकी जगह गड्ढों ने अपना आधिपत्य जमा लिया है और गड्ढे भी इतने भयानक कि वहां पर रोज हादसे हो रहे हैं। गनीमत है कि अब तक किसी की जान नहीं गई है। शासन-प्रशासन कब जागेगा धमतरी वासियों को इसका बेसब्री से इंतजार है। संबंधित विभाग का एक ही रोना होता है बारिश में गड्ढों को कैसे रिपेयरिंग करें।
शहर की सड़के अब चलने लायक नहीं रह गई है, जहां रोजाना हादसे हो रहें हैं।शुक्रवार को शहर में दो जगह स्कूली बच्चों से भरा रिक्शा पलट गया। हालांकि बच्चों को चोट नहीं आई है। ई रिक्शा में सवार सभी बच्चे सुरक्षित हैं।
शहर की सड़के पहले ही खराब थी बारिश में और ज्यादा बिगड़ गई है। शहर का नेशनल हाइवे हो या स्टेट हाईवे की सड़क सभी ओर बड़े गड्ढे बन गए हैं, जोकि हादसों का कारण बन रहे है। शुक्रवार की दोपहर दो बजे के आसपास शहर के रत्नाबांधा चौक की ओर से एक स्कूल का रिक्शा स्कूली बच्चों को लेकर गुजर रहा था, जोकि गड्ढों की वजह से बीच सड़क में ही पलट गया। मार्ग में गड्ढों की वजह से बच्चो के रिक्शे के पीछे आने वाली गाड़ियों की रफ्तार भी धीमी थी, जिससे बच्चों को कोई नुकसान नहीं हुआ अन्यथा हादसा बड़ा रूप भी ले सकता था। स्कूली बच्चे और रिक्शा जब मार्ग में पलटा तो मौजूद राहगीरों ने उनकी तत्काल मदद कर उन्हें सुरक्षित कर रिक्शा सीधा किया।
इसी तरह नहर नाका चौक में भी इतने इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं कि पानी के वजह से समझ ही नहीं आता। शुक्रवार को ही स्कूली बच्चों को लेकर आ रहा है एक ई रिक्शा पलट गया जिसमें न सिर्फ बच्चे बल्कि चालाक भी कीचड़ से लथपथ हो गया। गनीमत रही कि यहां भी कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। अब तो पालक भी छोटी वाहनों में बच्चे भेजने से डरने लगे हैं।
शहर की सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर लोग आक्रोशित हैं।जिम्मेदार विभाग पर अपनी भड़ास भी निकाल रहे हैं। गर्भवती महिला या बुजुर्गों को लेकर आने वाले दुपहिया तिपहिया वाहन खतरों से भरा हो सकता है।







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