भूपेन्द्र साहू
धमतरी। रविवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (NEET) रखी गई थी। शहर में दो सेंटर DPS और मेनोनाइट स्कूल को बनाया गया था 1136 पंजीकृत में 1109 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षार्थियों को भरी दोपहरी परीक्षा सेंटर पहुंचना पड़ा। सेंटर के भीतर परीक्षा देने से पहले 3 घंटा समय अधिक गुजारना पड़ा।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित नीट परीक्षा देकर डॉक्टर बनने का अरमान लेकर कड़ी धूप में परीक्षार्थी अपने सेंटर में पहुंचे। रविवार को हुए परीक्षा में धमतरी में 2 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे।परीक्षा सेंटर में परीक्षार्थियों को 11 बजे से प्रवेश मिलना शुरू होगा गया था। परीक्षा सेंटर के बाहर धूप से बचने के लिए टेंट भी लगाया गया। जहां परीक्षार्थी और उनके पालक धूप से बचने के लिए कुछ देर खड़े दिखे। परीक्षा सेंटर में 3 अलग अलग जगहों पर चेकिंग की गई। परीक्षा सेंटर की के मुख्य गेट में प्रवेश पत्र और लड़कियों को खुले बाल न रखने की समझाईश दी गई। कहा गया कि बाल को चोटी या जुड़े बांधकर आने दिया गया। दूसरे स्टेप में परीक्षार्थियों की रोल नंबर देखने की प्रक्रिया थी। । तीसरे स्टेप में प्रवेश पत्र की जांच व प्रवेश पत्र में लगे फोटो से पहचान की गई। आधार कार्ड का परीक्षण किया गया। परीक्षा केन्द्र में पानी उसी बोतल में ले जाने की परमिशन दी गई थी जो पारदर्शी रहा। सेंटर के भीतर - कई विद्यार्थी पहले पहुंचे थे उन्हें 2 से 3 घंटे तक अतिरिक्त समय गुजारना पड़ा। दोपहर डेढ़ बजे तक ही प्रवेश दिया गया। इसके बाद दोपहर 2 बजे से परीक्षा शुरू हुई। जो लगातार 3 घंटा 20 मिनट तक चली।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के सिटी कोऑर्डिनेटर संजीव सिंह चौहान ने बताया कि डीपीएस स्कूल सांकरा में 488 एवं मेनोनाइट इंग्लिश स्कूल में 648 परीक्षार्थियों का पंजीयन था । इसमें DPS में 19 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे 469 में परीक्षा दी। इसी तरह मेनोनाइट स्कूल में 8 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे 640 ने परीक्षा दी।
परीक्षा केन्द्र में प्रतिबंधित
नीट परीक्षा में साधारण पेंट- शर्ट पहनना, सलवार कुर्ती पहनना था।कान में बाली पहनना, हाथ में चुड़ी, घड़ी पहनना, कैलकुलेटर चाबी,पैसा, रंगीन चश्मा, आभूषण, पानी का स्टील बॉटल, खाने का सामान, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री,मोबाइल, पर्स,ब्लूटूथ डिवाइस, जूता सभी प्रतिबंधित रहा।




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