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धमतरी के कलाकार शिमला में थिएटर के तीन राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजे गए

 



धमतरी।ऑल इंडियन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन शिमला द्वारा  रोहिताश गौड़ भाभी जी घर पर हैं फेम एवं रेखा गौड़ के संयोजन में आयोजित राष्ट्रीय रंग महोत्सव में शाश्वत उत्सर्ग यूथ थिएटर ग्रुप के कलाकार एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवको ने भाग लिया।  साथ ही धमतरी के कलेक्टर नम्रता गांधी के  सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता अभियान से प्रेरित होकर सभी प्रतिभागियों ने कला के साथ-साथ समाज में जन जागरूकता के उद्देश्य सको ध्यान  में रखते हुए कार्यक्रम अधिकारी आकाश गिरी गोस्वामी के द्वारा लिखित एवं निर्देशक जन जागरूकता पर आधारित  प्रहसन  जल बचाओ जीवन बचाओ, स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत, पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ पेड़ एवं पर्यावरण से संबंधित था का भी मंचन किया गया।


 मुख्य रूप से डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी द्वारा लिखित एवं आकाश गिरी गोस्वामी द्वारा निर्देशित नाटक सत्य की खोज का मंचन किया गया। इस नाटक को तीन राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया।  इस नाटक  को लोक नाटक श्रेणी  का प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। विद्वान भूरा की भूमिका में आकाश गिरी गोस्वामी को बेस्ट एक्टिंग का कंसोलेशन प्राइस प्राप्त हुआ है। सोहनलाल साहू को अभिनेता पंडित एवं डिंडोरची की भूमिका में बेस्ट एक्टिंग का कंसोलेशन प्राइज प्राप्त हुआ। इस नाटक का कथ्य मनुष्य के सुख के कर्म पर प्रकाश डालता है. मनुष्य को स्थाई ,अनंत ,चिरन्तन और शाश्वत सुख का कारण व्यक्ति,वस्तु, संबंध,वैभव और शक्ति जैसे भौतिक चीजों से नहीं होता बल्कि व्यक्ति जब भी अपने आत्मा के सुख स्वरूप  को जान  लेता है वही व्यक्ति के स्थाई सुख का कारण होता है, अर्थात अगर स्थाई और अनंत सुख चाहते हो तो बाहर नहीं भीतर देखो. इस नाटक में. विद्वान भूरा की भूमिका में आकाश गिरी गोस्वामी ने आध्यात्मिक कथोप कथन से अपने पात्र को जीवंत किया .राजा की भूमिका में आशीष साहू ने अपने आंगिक एवं एवं वाचिक अभिनय से राजा की भूमिका में जान डाल दिया. सोहनलाल साहू ने अभिनेता ,पंडित एवं ढिंढोरची तीनों की भूमिकाओं को अलग-अलग अंदाज में अभिनीत किया .गुलशन धुव ने मंत्री की भूमिका को सहजता के साथ निभाया. प्रियांशी मिश्रा तथा वैष्णवी साहू ने नटी एवं सूत्रधार की भूमिका में नाटक को आगे बढ़ाने में सफल रहे. विराज शाह और डीगेश्वर साहू ने सिपाही  की भूमिका धनलक्ष्मी सुलोदिया, जाहन्वी साहू, और भाविका सुलोदिया और कल्पना  अग्रवाल ने दरबारी की भूमिका  को निभाने  में सफल रहे। कशिश अग्रवाल  ने उद्योगपति, छायाकार और दरबारी  की भूमिका में कमाल का अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया । इस नाटक का संगीत संयोजन आशीष कुमार साहू, मंच सज्जा सोहनलाल साहू, ध्वनि एवं प्रकाश संचालन कल्पना अग्रवाल,  वस्त्र सज्जा गुलशन ध्रुव, रूप सजा आकाश गिरी गोस्वामी एवं आशीष साहू, सामग्री प्रबंधन एवं संयोजन विराज शाह और  गुलशन ध्रुव ने बखूबी के साथ किया। 

नाटक के इस उपलब्धि पर अखिल भारतीय कवि सुरजीत नवदीप, दीपक लखोटिया, कुमेश्वर कुमार, सुनील भट्टाचार्य, पी वी पराड़कर, डॉ श्रीदेवी चौबे, डॉ सी एस चौबे, वीरेंद्र साहू, रविकांत गजेंद्र, टी आर नागवंशी,मदन मोहन दास, डूमन लाल ध्रुव, राजकुमार सिन्हा , राजेंद्र सोनी, डॉ प्रदीप साहू, हरीश देवांगन,प्रशांत गिरी गोस्वामी,  वैभव रणसिंह, उमेश सिंह वशिष्ठ, पुष्कर चंद्राकर , सोमनाथ साहू, सचिन सोनी विनोद डिंडोलकर, चंद्रप्रकाश साहू, लोकेश प्रजापति,भूपेंद्र दास,  लोकेश साहू  आर्मी, रामकुमार विश्वकर्मा  प्रदीप सिंहा डॉ.चंद्रशेखर बांधे  लक्ष्मी नारायण सिंहा , गौतम  साहू,दुष्यंत सिंहा, ओमान लाल सिन्हा,गोपी कुर्रे,मनोज बंछोर, गेवेंद्र सिंह कामड़े, शेष नारायण गजेंद्र,अनिल यदु,नटवर कन्नोजे, देवशंकरदेव, अपूर्व विश्वकर्मा  ,भूषण पटेल,वीरेंद्र कुंजाम, चंद्रहास साहू, नवीन जाचक, महेंद्र सोनी,प्रगति पवार,निरंजना पटेल,आंचल अरोरा,उमेश्वरी संभाकर, किरण सोनवानी , अंजुलता पटवा सहित  कलाप्रेमियों ने बधाई दी है।



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