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Good News: ट्रैप कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद हुई,विभाग में खुशी, एमपी से भी दो टाइगर लाने की तैयारी

 



धमतरी। धमतरी जिले के लिए बड़ी खुशी की बात है कि लंबे समय बाद बाघ की मौजूदगी स्पष्ट हो चुकी है।उदंती टायगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले धमतरी जिले के अरसीकन्हार रेंज में पहली बार बाघ की मौजूदगी दर्ज की गई है। जंगल में लगाए गए ट्रैप कैमरे में 24 मई की रात बाघ की तस्वीर कैद हुई है, जिससे वन विभाग सहित पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।इस बीच अच्छी खबर आ रही है कि उदंती सीतानदी अभ्यारण्य में मध्यप्रदेश से दो टाइगर (बाघ-बाघिन) लाकर यहां रखा जाएगा। जिससे धीरे-धीरे उनकी संख्या बढ़ सकती है।


मिली जानकारी के अनुसार यह बाघ बीते आठ दिनों तक धमतरी जिले के अरसीकन्हार, रिसगांव और सीतानदी रेंज के जंगलों में विचरण करता रहा। 18 मई को संदबहारा क्षेत्र में बाघ के पदचिन्ह मिलने के बाद से ही वन विभाग सतर्क था। इसके बाद जिले के तीनों रेंज में 150 से अधिक ट्रैप कैमरे लगाए गए थे, जिसमें से एक कैमरे में बाघ की स्पष्ट तस्वीर सामने आई है।


धमतरी जिले में पहली बार टायगर की मौजूदगी दर्ज की गई है, जिससे वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से यह एक ऐतिहासिक, सामने आते ही वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्सव का माहौल है।पूरी टीम अब टायगर मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है, और इलाके की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की मानवीय टकराव की स्थिति से बचा जा सके।


इस संबंध में उदंती-सीतानदी टाइगर प्रोजेक्ट के उपनिदेशक वरूण जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश के किसी भी टाइगर रिजर्व क्षेत्र से दो बाघ-बाघिन लाने की तैयारी चल रही है। बाघ-बाघिन को लाने में एक-दो महीने का वक्त लग सकता है। कौन से जगह से लाएंगे, यह मध्यप्रदेश के पीसीसीएफ तय करेंगे। उन्होंने बताया कि सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र में ट्रेस कैमरे लगाए गए हैं। जिससे पता चला है कि यहां टाइगर मौजूद है। एक से अधिक भी हो सकते हैं, पूरे रिजर्व क्षेत्र में 150 कैमरे लगाए गए हैं। एक कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद हुई है।



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