धमतरी। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रतिस्पर्धी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित शासन की महत्वाकांक्षी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) योजना आज सार्थक परिणाम दे रही है। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, पथर्रीडीह ने वर्ष NEET-2026 में उल्लेखनीय सफलता अर्जित कर जिले को गौरवान्वित किया है।
विद्यालय के विद्यार्थियों में राधेश्याम ने 388 अंक (88.49 परसेंटाइल) प्राप्त कर सर्वाेच्च प्रदर्शन किया। इसके अलावा डिंपल कंवर (349 अंक), मनीषा (300 अंक), पूर्णिमा (300 अंक), दयानंद मरकाम (280 अंक), दिव्या (271 अंक), हरिकेश कुमार (263 अंक), सोनम दीवान (244 अंक), मेनका (220 अंक), प्रीति कश्यप (196 अंक), गुंजा (182 अंक), आराधना (180 अंक), रितु ध्रुव ने भी सफलता प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा समग्र व्यक्तित्व विकास के अवसर उपलब्ध कराना है। पथरीडीह विद्यालय की यह उपलब्धि शासन की जनजातीय शिक्षा को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता और शिक्षकों के समर्पित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा, जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग विमल साहू ने विद्यालय के प्राचार्य नीरज त्यागी, समस्त शिक्षकों एवं सफल विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।





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