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Leopard: घर में घुसकर दो ग्रामीणों पर हमला करने वाला तेंदुआ मृत हालत में मिला

 


दोनो घायलों का इलाज जारी, तेंदुए की मौत के कारणों की जांच शुरू

धमतरी। जिले के नगरी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत बिरगुड़ी रेंज के ग्राम कर्राघाटी में शुक्रवार देर रात हुए तेंदुए के हमले से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। घर में घुसकर दो ग्रामीणों पर हमला कर दिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि तेंदुआ उसी घर मे मृत अवस्था मिला।

मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात बिरगुड़ी रेंज के ग्राम कर्राघाटी में तेंदुआ अचानक गांव में घुस आया और एक मकान में प्रवेश कर उसने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। हमले में हेमंत नेताम (पिता बहादुर सिंह) तथा गांधी राम (पिता फागुराम) घायल हो गए। दोनों को तत्काल ग्रामीणों की मदद से शासकीय चिकित्सालय नगरी पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।


घटना की सूचना मिलते ही नगरी वन परिक्षेत्र का पूरा अमला, बिरगुड़ी रेंज के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचे।पहले यह आशंका थी कि हमला करने के बाद तेंदुआ घायल अवस्था में किसी मकान में छिपा हुआ है। इसे देखते हुए वन विभाग ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सर्च अभियान शुरू किया। कई घंटे की तलाश के बाद तेंदुआ अंजोर सिंह नेताम के घर के भीतर मृत अवस्था में मिला।

वन विभाग ने शुरू की जांच

वन विभाग ने तेंदुए की मौत के कारणों की जांच प्रारंभ कर दी है। अधिकारियों के अनुसार नियमानुसार तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिससे उसकी मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वन विभाग ने किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।



घायलों को मिली तत्काल आर्थिक सहायता

एसडीओ वन संजय राउतिया ने बताया कि वन्यप्राणी हमले में घायल ग्रामीणों को विभाग की ओर से तत्काल राहत राशि प्रदान की गई है। हेमंत नेताम को 5,000 रुपये तथा गांधी राम को 1,000 रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर शासन के नियमानुसार आगे की सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।


वन विभाग ने जारी की सतर्कता अपील

 वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल की ओर अकेले न जाएं, बच्चों को अकेले बाहर न भेजें तथा किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।वन अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश और जंगलों में प्राकृतिक परिस्थितियों में बदलाव के कारण वन्यजीव कभी-कभी आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंच जाते हैं। ऐसे समय में ग्रामीणों को सतर्क रहकर वन विभाग का सहयोग करना चाहिए।

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