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निदान-03’ शिविर से दिव्यांगजनों और वरिष्ठजनों के जीवन को मिली नई राह, 1,600 से ज़्यादा हितग्राही हुए लाभान्वित

 




कलेक्टर अबिनाश मिश्रा बोले— “हर दिव्यांगजन सम्मान के साथ जीवन जिए, आत्मनिर्भर बने और अपनी क्षमताओं के अनुरूप आगे बढ़े, यही हमारा संकल्प है”


धमतरी। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने, उनके दैनिक जीवन को सुगम करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय ‘निदान-03’ विशेष शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग तथा भगवान महावीर दिव्यांग सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठजनों को आवश्यकतानुसार सहायक उपकरण, चिकित्सकीय परीक्षण तथा विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। तीन दिवसीय आयोजन में कुल 1,630 दिव्यांगजन एवं वरिष्ठजन लाभान्वित हुए।

शिविर में कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक सहित विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। इसके साथ ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी), बस पास एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के माध्यम से हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया। शिविर की विशेषता यह रही कि जरूरतमंदों को अनेक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हुईं, जिससे उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत मिली।


नगरी में पहले दिन 172 दिव्यांगजन हुए लाभान्वित

शिविर के पहले दिन 8 अक्टूबर को नगरी विकासखंड के श्रृंगी ऋषि हायर सेकेंडरी स्कूल में जिला स्तरीय शिविर आयोजित किया गया। इसमें 172 दिव्यांगजन शामिल हुए। पात्र हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल, 13 व्हीलचेयर, 27 श्रवण यंत्र, तीन बैसाखी, दो एल्बो क्रच, सात वॉकिंग स्टिक और एक वॉकर प्रदान किया गया। इसके अलावा नौ दिव्यांगजनों के कृत्रिम हाथ-पैर तैयार करने के लिए आवश्यक मापन एवं प्रक्रिया पूरी की गई। शिविर में 18 दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए तथा 44 दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड की सुविधा प्रदान की गई।

धमतरी में दूसरे दिन 460 दिव्यांगजन पहुंचे

10 अक्टूबर को धमतरी के इंडोर स्टेडियम में आयोजित शिविर के दूसरे दिन 460 दिव्यांगजन पहुंचे। इनमें से 359 हितग्राहियों को विभिन्न सहायक उपकरणों एवं सुविधाओं से लाभान्वित किया गया। आठ दिव्यांगजनों के बस पास बनाए गए, 16 दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा 51 हितग्राहियों को एम-आधार कार्ड की सुविधा प्रदान की गई।



सहायक उपकरणों के वितरण के अंतर्गत 15 कृत्रिम पैर, सात कृत्रिम हाथ, नौ कैलिपर्स, 116 श्रवण यंत्र, 43 ट्राइसाइकिल, 49 व्हीलचेयर, छह बैसाखी, चार एल्बो क्रच, 30 वॉकिंग स्टिक, चार स्मार्ट केन और एक वॉकर प्रदान किया गया। इन उपकरणों से हितग्राहियों को आवागमन, दैनिक कार्यों और सामाजिक गतिविधियों में अधिक सुविधा मिलेगी।

समापन दिवस पर भी जारी रहीं सेवाएं

11 अक्टूबर को शिविर के अंतिम दिन भी 1121 दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठजनों के पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण, सहायक उपकरणों के वितरण तथा विभिन्न शासकीय सुविधाओं से जोड़ने की प्रक्रिया जारी रही। शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी। जनसंपर्क विभाग द्वारा छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई, जिसके माध्यम से शासन की विकासपरक गतिविधियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। साथ ही विभाग की मासिक पत्रिका ‘छत्तीसगढ़ जनमन’ का निःशुल्क वितरण भी किया गया।


 प्रत्येक हितग्राही के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना हमारा लक्ष्य

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण और शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानपूर्ण जीवन जीने के अवसर प्रदान करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। ‘निदान-03’ जैसे शिविरों का उद्देश्य केवल सुविधाएं वितरित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक हितग्राही की जरूरत को समझना और उसके जीवन को पहले से अधिक सुगम बनाना है।उन्होंने कहा, “जब कोई दिव्यांगजन सहायक उपकरण के माध्यम से अपने दैनिक कार्य स्वयं करने में सक्षम होता है, जब कोई व्यक्ति कृत्रिम अंगों के सहारे अपने कदम आगे बढ़ाता है या श्रवण यंत्र की मदद से अपने परिजनों की बातें सुन पाता है, तब उसके साथ पूरे परिवार के जीवन में भी उम्मीद और खुशी का संचार होता है। 




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