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शिक्षक की दृढ़ इच्छा शक्ति एवं नेक इरादे से 50 स्कूलों में स्मार्ट एंड्रॉयड टीवी लगा

 

हर स्कूल बने स्मार्ट क्लास: रंजीता साहू

मगरलोड।एक शिक्षक की दृढ़ इच्छा शक्ति एवं नेक इरादे से आज 50 स्कूलों में स्मार्ट एंड्रॉयड टीवी लगाया जा चुका है।ताकि हजारों बच्चों को सीखने में मिल रही है मदद। शिक्षिका रंजीता साहू ने नवाचार प्रयोग करते हुये अपने स्कूल माध्यमिक शाला लुगे एक छोटे गांव में सामुदायिक सहभागिता के तहत शिक्षकों एवं पालकों के साथ मिलकर एक एंड्राइड टीवी लगाया और बच्चों को निरंतर उस के माध्यम से पढ़ाई करवाया। जिन बच्चों को पहले पढ़ाई के प्रति अरुचि थी उसे रुचि कर बनाकर कॉन्सेप्ट को समझाने में बहुत ही सहायता मिली। बच्चों में बोलने सीखने समझने की क्षमता बढ़ती गई। जो बच्चे स्कूल आने से कतराते थे वे सहजता से  स्कूल आकर सीखने लगे। स्कूल में विद्यार्थियों में हुए सुखद बदलाव से शिक्षिका ने प्रोत्साहित होकर आस पास के  अन्य स्कूलों में भी स्मार्ट टीवी लगाने का प्रयास किया जिसमें उन्हें सफलता मिल रही है और अपने विशेष प्रयास से सामुदायिक सहभागिता, जनभागीदारी, शिक्षकों एवं प्रबंधन समिति के मदद से धमतरी जिले में 50 स्कूलों में स्मार्ट एंड्रॉयड टीवी शिक्षा के लिए लगाया गया। अपने विशेष प्रयास से धमतरी के दो विशेष बच्चों के स्कूल सार्थक स्कूल एवं एग्जैक्ट फाउंडेशन में स्मार्ट टीवी लगाया ताकि उन विशेष बच्चों को आसानी से सिखाने समझाने में मददगार साबित हो सकेंगे।

उनकी बहुउद्देशीय प्रयास से प्रेरणा लेकर आसपास के विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों ने भी सामुदायिक सहभागिता के तहत अपने-अपने स्कूलों में एंड्रॉयड टीवी लगाने का प्रयास कर रहे हैं।

पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन एवं अपनी नैतिक कर्तव्यों का पालन करते हुए जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण एवं गौ सेवा के प्रति समर्पित भाव से काम कर रही है। पर्यावरण संरक्षण एवं आर्थिक उन्नति के लिए उनके द्वारा 3000 चंदन के पौधे आसपास के विभिन्न स्कूलों के बच्चों को दिया गया।ताकि वे इस पौधे को अपनी सुविधा अनुसार अपनी घर, बाड़ी या खेत में लगा सके ।इससे उनकी आर्थिक समृद्धि भी सुनिश्चित हो सकेगी ।



शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए उन्हें कलेक्टर के द्वारा जिला स्तरीय ज्ञानदीप अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी  बृजेश वाजपेई  ने उनके सराहनीय कार्य की प्रशंसा की।

रंजीता साहू अपने शिक्षकीय प्रोफेशन से बहुत ही खुश एवं संतुष्ट है उनका मानना है जिंदगी दोबारा नहीं मिलने वाली है अतः उन्हें अच्छे कार्य समाज के लिए करना है। उन्होंने स्कूल के उत्थान के लिए लोगों को आगे आने की अपील की है। छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है उन्हें देश दुनिया से जोड़ने की जरूरत है।



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