कलेक्टर को दिया ज्ञापन
भूपेन्द्र साहू
धमतरी। जिले में 15 से भी ज्यादा प्राइवेट नर्सिंग होम हैं जो आयुष्मान योजना के अंतर्गत अंचल के मरीजों को निशुल्क स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर रहे हैं। स्मार्ट कार्ड से इलाज के बाद पिछले 6 महीने से राशि नहीं मिलने से संचालक बेहद परेशान हैं। इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन देकर समस्या का हल निकालना कहा है। बताया गया कि सभी को मिलाकर 10 करोड़ से अधिक की राशि बकाया है।
आयुष्मान योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार के सम्मिलित योगदान से मरीज को निशुल्क स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराती है और उपचार की एक निर्धारित धनराशि प्राइवेट अस्पताल को उपचार के पश्चात एक महीने के अंतर्गत प्रदान करती है। इस धनराशि का इस्तेमाल प्राइवेट हॉस्पिटल अपने मेंटेनेंस के लिए करते हैं। परंतु इस पूरे प्रक्रिया में पिछले 6 महीना से व्यवधान उपस्थित हो गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन धमतरी शाखा के अध्यक्ष डॉ प्रदीप साहू ने बताया कि बीमा कंपनी तथा टीपीए, जिनकी यह जिम्मेदारी होती है कि अस्पतालों में हुए उपचार के केस रिकॉर्ड्स को देखकर अस्पताल को उपचार के एवज में धनराशि प्रदान करें, अपनी जिम्मेदारियां का निर्वहन करने में पूरी तरह से विफल रही है। इसीलिए पिछले 6 महीने से किसी भी अस्पताल को किसी भी उपचार के एवज में धनराशि प्रदान नहीं की गई है।
धन के अभाव में प्राइवेट अस्पताल संचालकों के समक्ष समस्त बिलों के भुगतान का संकट आ खड़ा हुआ है।नर्सिंग होम के स्टाफ को वेतनमान का भुगतान करना भी मुश्किल हुआ जा रहा है। दवाइयां और सर्जिकल सामानों के विक्रेताओं के बिलों के पहाड़ खड़े हुए जा रहे हैं। किराए पर चल रहे नर्सिंग होम अपने किराए का भुगतान सही समय पर नहीं कर पा रहे हैं कई नर्सिंग होम संचालक अपने दिन प्रतिदिन के खर्चों के लिए बैंकों से पर्सनल लोन लेकर काम चला रहे हैं।इन सब संकटों की बावजूद भी अभी तक समस्त नर्सिंग होम संचालक अंचल के मरीजों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने से पीछे नहीं रहे हैं।परंतु यह स्थिति अगर और कुछ महीनो तक रही तो धीरे-धीरे सभी नर्सिंग होम संचालक निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं से अपने हाथ खींच लेंगे।
इसी आशय का पत्र कलेक्टर को दिया गया है ताकि शासकीय प्रक्रिया का पालन करते हुए नर्सिंग होम संचालकों की स्थिति को स्वास्थ्य मंत्री तक सही तरीके से पहुंचाया जा सके और इस समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके।इसमें धमतरी जिले के धमतरी क्रिश्चियन हॉस्पिटल, एकता हॉस्पिटल, फ्रैक्चर चोट एवं हड्डी हॉस्पिटल, लुंकड़ हॉस्पिटल,चटर्जी हॉस्पिटल, ओजस्वी हॉस्पिटल, प्रदीप हॉस्पिटल, श्री राम हॉस्पिटल, खालसा हॉस्पिटल, धमतरी हॉस्पिटल, रामेश्वरम हॉस्पिटल, सिद्धिविनायक हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल के संचालकों की सहमति रही है।
ज्ञात हो कि भुगतान में विलंब की यह स्थिति पूरे छत्तीसगढ़ के सभी प्राइवेट नर्सिंग होम संचालकों के समक्ष है और अन्य जिले के डॉक्टर अपने जिले के कलेक्टर तथा स्वास्थ्य मंत्री को पहले ही इस तरह के ज्ञापन दे चुके हैं और कुछ देने की तैयारी में है।






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