6.34 करोड़ रुपये वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भुगतान
धमतरी।धमतरी नगर निगम वर्षों से बिजली बिल के भारी बोझ तले दबा हुआ था। एसटीपी, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, स्ट्रीट लाइट सहित अनेक महत्वपूर्ण सेवाओं का विद्युत भुगतान लंबे अरसे से नहीं हो पाया था। स्थिति यह थी कि नगर निगम पर कुल करीब 12 करोड़ 50 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया हो चुका था।
ऐसे संकट के दौर में महापौर रामू रोहरा ने मोर्चा संभालते हुए शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए। उनके अथक प्रयास और प्रशासनिक पकड़ का ही नतीजा है कि कुछ दिनों पहले छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नगर निगम के आधिपत्य वाले जल शुद्धिकरण संयंत्र में जल प्रदाय हेतु स्थापित मोटर पंपों के लंबित देयक के भुगतान के लिए छह करोड़ चौंतीस लाख सत्तानवे हजार पांच सौ नब्बे रुपये की राशि सीधे समायोजित कर हस्तांतरित की गई।
यह धमतरी नगर निगम के इतिहास में पहली बार है जब बिजली बिल मद में इतनी बड़ी राशि का भुगतान संभव हो पाया है। इस भुगतान से वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और एसटीपी के संचालन पर मंडरा रहा खतरा टल गया, वहीं आने वाले समय में जल आपूर्ति व्यवस्था को स्थायित्व मिलने की उम्मीद जगी है।
शहर में इस फैसले को लेकर सकारात्मक माहौल है।लोगों का कहना है कि महापौर के प्रयास का नतीजा है यह भुगतान हो गया। पहले के जनप्रतिनिधि अगर जागरूक होते तो तो इतना बड़ी राशि का भार निगम के ऊपर नहीं होता।
महापौर रामू रोहरा ने इस राशि समायोजन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता मूलभूत सेवाओं को मजबूत करना है और भविष्य में ऐसे बकाया हालात दोबारा न बनें, इसके लिए ठोस व्यवस्था की जाएगी।



0 टिप्पणियाँ