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रामपुर की गरज से कांपा मैदान, 76 रन से हटकेश्वर ध्वस्त...DPL ट्रॉफी पर तीसरी बार जमाया कब्ज़ा

 


भूपेन्द्र साहू

धमतरी।धमतरी की धरती पर जब भी क्रिकेट का जिक्र होता है, तो सबसे पहले नाम आता है DPL – धमतरी प्रीमियर लीग का। हर साल की तरह इस वर्ष भी यह टूर्नामेंट खेल प्रेमियों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं रहा। पूरे सीजन में रोमांच, जोश, संघर्ष और प्रतिभा का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने शहर के हर क्रिकेट प्रेमी को मैदान की ओर खींच लिया। और जब फाइनल मुकाबला खेला गया, तो माहौल किसी बड़े स्टेडियम से कम नहीं दिखा। हजारों दर्शकों की मौजूदगी, तालियों की गड़गड़ाहट और खिलाड़ियों का जुनून – सब कुछ इस बात का प्रमाण था कि DPL अब सिर्फ टूर्नामेंट नहीं, बल्कि धमतरी की पहचान बन चुका है।
इस रोमांचक सफर का अंत हुआ एक शानदार और एकतरफा फाइनल मुकाबले के साथ, जिसमें रामपुर वार्ड ने हटकेश्वर को 76 रन से हराकर ट्रॉफी पर अपना कब्ज़ा जमा लिया और एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित कर दी।


*टॉस से ही दिखा रामपुर का आत्मविश्वास*
फाइनल मैच की शुरुआत टॉस से हुई, जिसे सिटी कोतवाली TI राजेश मरई के हाथों कराया गया। रामपुर की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। यह फैसला बाद में पूरी तरह सही साबित हुआ। खिलाड़ियों के चेहरे पर आत्मविश्वास साफ झलक रहा था, मानो वे पहले से ही जीत की पटकथा लिखकर मैदान में उतरे हों।
*विकी ध्रुवंशी का तूफान – 16 गेंदों में 55 रन*
रामपुर की पारी की शुरुआत संभली हुई रही, लेकिन असली धमाका तब हुआ जब विकी ध्रुवंशी क्रीज पर आए। उन्होंने आते ही हटकेश्वर के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया।
मैदान के चारों ओर शॉट्स की बरसात शुरू हो गई। छक्के इतने लंबे लगे कि दर्शक सीटों से खड़े होकर तालियां बजाने लगे।उनकी इस आतिशी पारी की बदौलत रामपुर ने निर्धारित 12 ओवर में 145 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। छोटे फॉर्मेट के मैच में यह स्कोर किसी पहाड़ से कम नहीं था।

*हटकेश्वर की उम्मीदें टूटीं, गेंदबाजों ने बरपाया कहर*
145 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हटकेश्वर की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई।
रामपुर के गेंदबाजों ने सधी हुई लाइन-लेंथ और आक्रामक रणनीति के साथ बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका ही नहीं दिया।
एक के बाद एक विकेट गिरते गए और स्कोरबोर्ड पर रन रुक से गए। दर्शकों को जिस कड़े मुकाबले की उम्मीद थी, वह धीरे-धीरे एकतरफा होता गया।पूरी टीम सिर्फ 69 रन पर ऑलआउट हो गई और पूरे 12 ओवर भी नहीं खेल सकी।
विकी ध्रुवंशी ने गेंद से भी कमाल करते हुए 3 ओवर में मात्र 15 रन देकर 1 विकेट हासिल किया। उनका यह ऑलराउंड प्रदर्शन फाइनल का सबसे बड़ा आकर्षण रहा और उन्हें सर्वसम्मति से मैन ऑफ द मैच चुना गया।

*दर्शकों की भारी भीड़, उत्सव जैसा माहौल*
फाइनल मुकाबले के दौरान मैदान मे में चारों ओर सिर्फ क्रिकेट का जुनून नजर आ रहा था। बच्चे, युवा, बुजुर्ग – हर वर्ग के लोग अपने पसंदीदा खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने पहुंचे थे।
हर चौके-छक्के पर ढोल बाजे पटाखे तालियों की गूंज और हर विकेट पर शोर से पूरा मैदान गूंज उठा। ऐसा माहौल किसी बड़े स्टेडियम की याद दिला रहा था।


*मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति*
इस खास मौके पर महापौर रामू रोहरा, युवा नेता आनंद पवार, DFO श्रीकृष्ण  जाधव, सिटी एसपी अभिषेक चतुर्वेदी विशेष रूप से मौजूद रहे।सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और आयोजकों की सराहना की।पुलिस प्रशासन का भी बेहतरीन सहयोग रहा, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

*आयोजन बना मिसाल*
सकुश गुप्ता,अजय सोनवानी,मो हुसैन,मिलन साहू,मिहिर पटेल , इशाक उस्मान,इस्माल सिद्दीकी , वकार  अहमद,संकेत गुप्ता, शेख फरीद (राजा),केशव साहू,पुष्पेंद्र हिरवानी,आदिल खोकर,आकाश सिंह,विनय यादव, भरत सिन्हा, त्रिलोक वाल्मीकि , संजय निषाद , सेंटी एवं मॉर्निंग क्रिकेट क्लब के समस्त सदस्यों ने जिस प्रोफेशनल अंदाज में टूर्नामेंट का संचालन किया, वह काबिले-तारीफ रहा। मैदान की व्यवस्था, सुरक्षा, समय प्रबंधन और खिलाड़ियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
स्थानीय प्रतिभाओं को बड़ा मंच देकर DPL ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों में भी बड़े स्तर का क्रिकेट संभव है।
*DPL – अब धमतरी का क्रिकेट महोत्सव*
DPL आज सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों का मंच बन चुका है।
यह टूर्नामेंट नई प्रतिभाओं को पहचान देता है, खेल भावना को बढ़ावा देता है और पूरे शहर को एक सूत्र में बांध देता है।हर साल इसका स्तर और लोकप्रियता बढ़ती जा रही है, जिससे साफ है कि आने वाले समय में DPL और भी भव्य रूप लेगा।

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