ऑटो चालक करते हैं बेवजह विवाद, धमतरी में ही फिटनेस बनाई जाए जैसे विभिन्न मांगे शामिल
धमतरी।ई-रिक्शा के ऊपर आर.टी.ओ द्वारा जो रोजना अनवश्यक कार्यवाही की जा रही है, जिसमें लायसेंस, रोड टेक्स, फिटनेस, इंश्योरेंस और सभी कागजात चेक किये जा रहे हैं।जो कि कुछ चीज उचित है और कुछ नही है। जैसे विभिन्न समस्याओं को लेकर ई रिक्शा चालकों ने गुरुवार को हड़ताल किया। सभी पुरानी कृषि उपज मंडी में एकत्रित हुए। इस दौरान सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को भी परेशानी हुई। हड़ताल को देखते हुए नायब तहसीलदार लोकेश साहू पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।उन्होंने मांगों के आवेदन को लेते हुए आश्वस्त किया। इसके बाद हड़ताल समाप्त भी कर दिया गया।
ई रिक्शा संचालकों का कहना है जब हम शो रूम से गाड़ी लेते है, तब इंश्योरेंस और फिटनेस 2 साल का जुड़ा रहता है और रोड टैक्स आजीवन पट कर आता है कर के बताया जाता है।जब कि आर.टी.ओ. अधिकारी का कहना है कि सभी को गाड़ी के रेट के हिसाब से 3 प्रतिशत रोड टैक्स आर.टी.ओ. में पटाना होगा फिर फिटनेस होगा। पर ये इतना ज्यादा रोड टैक्स पटाना हमारे लिये संभव नहीं है। पूछना चाहते हैं कि गाड़ी का सम्पूर्ण कागजात अपने ही जिला में आज तक बनाते आया है तो हम फिटनेस के लिये दूसरे जिला क्यों जाए और अगर जाते भी हैं तो रास्ते में कोई परेशानी आ गई तो इसकी जवाबदारी कौन लेगा। इसी कारण से हम फिटनेस के लिये दूसरे जिला नहीं जा सकते अपने ही जिला में बनाने का सुविधा दी जाए।
जहां जहां आटो स्टैंड है वहां-वहां ई-रिक्शा वालों को स्थान दिया जाए जिससे वाद-विवाद कि स्थिति निर्मित ना हो।क्योंकि हर चौक, चौरहों से आटो वाले सवारी उठाने नहीं देते।बस स्टैंड के अंदर से भी सवारी उठाने पर गाली-गालोच व बाद-विवाद करते हैं। गाड़ी में बैठी सवारी को उतरवा देते हैं। सभी जगह उन्ही का राज है, तो हम गाड़ी कहा चलाए। अगर ई-रिक्शा वालो को स्कूलों में नहीं चलने दिया जाता है तो आटो वालों पर भी रोक लगाया जाए। हमेशा आटो वाले ई-रिक्शा वालों के उपर रेट को लेकर आरोप लगाते हैं जब कि ई-रिक्शा वाले 10-20 रू. में एक चौक से दूसरे चौक तक एक दो सवारी को भी लेकर चले जाते हैं, जबकी आटो वाले गाड़ी पूरा भरने तक सवारी को बिठाकर रखते हैं। ई-रिक्शा वालों को आटो यूनियन द्वारा बेवजह बदनाम किया जा रहा है।
धमतरी एक छोटा शहर है, जिसमें 1500 से 2000 ई-रिक्शा और 150 से 200 आटो है, जिसके चलते सिटी में जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है, जिसके कारण हम पूरा गाड़ी सिटी में नहीं चला सकते और कई लोग गांव से भी आते है।इसी कारण हमें हाईवे में भी गाड़ी चलाना पड़ जाता है। निवेदन है कि जो भी ई-रिक्शा या आटो चलाक नशे के हलात में या कोई नाबालिक गाड़ी चालते या बिना लाईसेंसे से पकड़ा जाता है। उनके उपर उचित कार्यवाही किया जाये। कुछ सालों के लिए ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन धमतरी जिले में अस्थाई रोक लगाई जाये ताकि दूसरे जिले में ई-रिक्शा के कारण यातायात में जो परेशानी हो रही है वह हमारे जिले में ना हों। ई-रिक्शा ओनर्स कल्याण संघ के अध्यक्ष सलीम खान सचिव सौरभ नामदेव ने बताया कि अधिकारियों के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त कर दिया गया।





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