संघ ने उक्त कार्य के लिए शासन से डिवाइस और डेटा देने की मांग की
धमतरी।छत्तीसगढ़ सयुक्त शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अध्यक्ष अमित महोबे के अगुवाई में व्यक्तिगत मोबाइल से शिक्षक और छात्रों के उपस्थिति दर्ज करने के आदेश के विरोध में विकास खंड शिक्षा अधिकारी धमतरी,जिला शिक्षा अधिकारी धामतरी के मध्यम से कलेक्टर और लोक शिक्षण संचानालय रायपुर छत्तीसगढ़ को ज्ञापन सौंपा गया।कहा कि इससे डाटा लीक होने की शत प्रतिशत संभावना है जिससे साइबर अपराध का खतरा बढ़ सकता है।
उपरोक्त आदेश से निजता के अधिकार अधिनियम का खुला उल्लाघन हो रहा है। नीजता का अधिकार एक मौलिक अधिकार है जो व्यक्ति के निजी जीवन सूचनाओं और गतिविधियों को गोपनीयता रखने तथा बिना किसी अनावश्यक हस्तक्षेप के जाने अधिकार है। जिसे भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 2017 मे पुत्तस्वामी मामले मे अनूचछेद 21 को जीवन और स्वयंत्ता के एक तहत मौलिक अधिकार घोषित किया है। जिसमें व्यक्तिगत डाटा सुरक्षा और शारीरिक स्वयंत्ता भी शामिल है।संघ ने निवेदन किया है की विद्या समीक्षा केंद्र मोबाइल एप के मध्यम से शिक्षकों और छात्रों के उपस्थिति इंद्रज ना किया।
प्रतिनिधि मंडल में विशेष रूप से मामता खालसा प्रांताध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ, प्रान्त सहसचिव हरीश सिन्हा,लोमस प्रसाद साहू जिला संयोजक,शेषनारायण गजेंद्र जिला सचिव, देवेश साहू जिला कोषाध्यक्ष, आलोक मत्स्यपाल जिला उपाध्यक्ष, शोभा गुप्ता, गौरी गुप्ता, मंजूलता शर्मा, वासांति देवांगन, प्रदीप सिन्हा, भोज राम साहू जिला सहसचिव, पुरुषोत्तम निषाद, मोहित बनपेला, आत्माराम साहू, निरंजन साहू, नंदलाल कश्यप जिला संगठन मंत्री, भूषण सिंह, पदम साहू ब्लॉक अध्यक्ष नगरी, पवन परिहार ब्लॉक अध्यक्ष धमतरी, हुमन चंद्राकर ब्लॉक अध्यक्ष कुरूद, जयंत साहू ब्लॉक अध्यक्ष मगलरोड, अनिल सोरी, खेमन हिरवानी, घनश्याम वर्मा, द्वारिका चंद्राकर, वासुदेव सोनकर, देवकांत गजपाल, हर्षित कुलर्कणी, उज्ज्वल साहू, हितेश साहू, उषा लहरे, धनेश्वरी साहू, रश्मि निर्माण, अनीता पांडेय, निष्ठा तिवारी, शिखा श्रीवास्तव, प्रीति नेताम, प्रभात सिन्हा, नोमेश साहू, रमेश देवांगन, विनीत शंकर मिश्र , ललित कश्यप हेमंत हिरवानी ,प्रवीण साहू , सुरेश साहू,तरुण साहू आदि उपस्थित रहे।




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