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DMT: बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि महोत्सव की शुरूआत बाबा की हल्दी से...

 


धमतरी। बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ की शादी की रस्में शुरू हो गई हैं। घराती-बाराती अब विवाह से पहले की रस्मों को पूरा करने में जुटे हैं। शहर के इतवारी बाजार स्थित सबसे प्राचीन श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि को महापर्व के रूप में मनाया जा रहा है। 11 से 15 फरवरी तक भगवान भोलेनाथ के विवाह को पूरे विधि-विधान के साथ किया जा रहा है।

पहले दिन हल्दी की रस्मे निभाई गई।इस दौरान मंदिर को भव्य रूप से झालर लाइटों से सजाया गया है। रोजाना भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। हल्दी, मेहंदी, मंगल गीत के बाद भगवान भोलेनाथ की बारात निकाली जाएगी।इसके लिए मंदिर ट्रस्ट ने तैयारी कर ली है।


*हर साल पांच दिनों तक मनाई जाती है यहां शिवरात्रि*
श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विपिन पवार ने कहा, 8 दिन पूर्व मंदिर ट्रस्ट, बोलबम कांवरिया संघ के सदस्य और भक्तों के साथ बैठक सम्पन्न हुई है।प्रतिवर्ष 5 दिनों तक शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है।11 फरवरी को हल्दी, 12 फरवरी को मेंहदी, 13 को मंगल गीत, और महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में शिवजी का बारात 14 फरवरी को विन्ध्यवासिनी मंदिर से प्रारंभ होकर बालक चौक होते हुए छत्रप्रति शिवाजी चौक से होकर बनियापारा होते हुए बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर इतवारी बाजार मे समापन होगा।
विपिन पवार ने बताया कि इस बार बारात में 7 अलग अलग झांकियां रखी गई है. बारात में देव, दानव, भूत पिशाच, अघोरी बाबा, साधुओं की टोली शामिल होंगे सभी को निमंत्रण दे दिया गया है।


मंदिर से जुड़ी मान्यताएं
श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विपिन पवार ने बताया कि श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर 14 सौ साल पुराना मंदिर है. अभिलेख के अनुसार सातवी-आठवी सदी का है. इनका प्रमाण महंत घासीदास संग्रहालय में है  जहां मंदिर का गेट रखा हुआ है। मंदिर में स्वयं प्रमाणित है।  शिव जी स्वयंभू मौजूद हैं।शहर के विंध्यवासिनी मंदिर, बूढ़ेश्वर मंदिर सभी प्राचीन मंदिरों में गिने जाते हैं।




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