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Online ठगी पर पुलिस की कार्यवाही.. पुलिस ने म्यूल अकाउंट धारक को किया गिरफ्तार, भेजा जेल

 



आरोपी के विरुद्ध धारा 317(2), 317(4), 318(4) बीएनएस के तहत की गई वैधानिक कार्यवाही”

धमतरी। एसपी धमतरी के निर्देशन में जिले में म्यूल अकाउंट एवं ऑनलाइन ठगी के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु लगातार कार्यवाही की जा रही है।इसी क्रम में थाना मगरलोड ने एक म्यूल अकाउंट धारक के विरुद्ध महत्वपूर्ण कार्यवाही की है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त अनलॉजमेंट नंबर के आधार पर म्यूल अकाउंट लेयर-1 के खाता धारक का अवलोकन किया गया, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि 9 जनवरी2026 को बैंक ऑफ बड़ौदा, मेघा शाखा, थाना मगरलोड के एक खाते में 24,000रूपये की राशि ऑनलाइन ठगी के माध्यम से प्राप्त की गई है।जांच में पाया गया कि उक्त खाता धमेन्द्र कुमार साहू पिता भगोली राम साहू, उम्र 27 वर्ष, निवासी बेलोरा, थाना मगरलोड, जिला धमतरी के नाम पर दर्ज है।

विवेचना के दौरान पीड़िता एवं गवाहों के कथन लेखबद्ध किए गए, जिनमें बताया गया कि एक व्यक्ति द्वारा धनलक्ष्मी बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर पीड़िता का मोबाइल लेकर ऑनलाइन लोन आवेदन के बहाने फोन-पे का पासवर्ड प्राप्त कर, आरोपी के खाते के क्यूआर कोड के माध्यम से 24,000 रूपये की धोखाधड़ी की गई।
बैंक स्टेटमेंट के अवलोकन से यह पुष्टि हुई कि उक्त राशि यूपीआई ट्रांजेक्शन के माध्यम से आरोपी के खाते में प्राप्त हुई है।

पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा चॉइस सेंटर संचालन से संबंधित शासन की गाइडलाइन अथवा लेन-देन से जुड़ा कोई रजिस्टर संधारित नहीं किया जाना स्वीकार किया गया। आरोपी द्वारा क्यूआर कोड के माध्यम से अपने मोबाइल में राशि प्राप्त करना भी स्वीकार किया गया, जिसके आधार पर संबंधित मोबाइल फोन जप्त किया गया।पीड़िता, गवाहों के कथन एवं बैंक खातों के दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी धमेन्द्र कुमार साहू पिता भगोली राम साहू उम्र 27 साल निवासी बेलोरा थाना मगरलोड जिला धमतरी के विरुद्ध धारा 317(2), 317(4), 318(4) बीएनएस. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।


*म्यूल अकाउंट क्या होता है?*-
म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है, जिसे कोई व्यक्ति अपने नाम से खोलकर या अपना खाता दूसरों को इस्तेमाल करने देता है, ताकि अपराध से कमाए गए पैसों का लेन -देन किया जा सके। अक्सर साइबर ठग ऐसे खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी, फर्जी निवेश, लोन ऐप, ओटीपी फ्रॉड आदि में करते हैं। कई बार खाताधारक को लालच देकर या झांसा देकर फंसाया जाता है, लेकिन कानूनी जिम्मेदारी खाताधारक की ही होती है।

*म्यूल अकाउंट से बचने के लिए धमतरी पुलिस की अपील*
अपना बैंक खाता, ATM, UPI, OTP, चेकबुक किसी को न दें
“आसान पैसे” या “कमीशन” के लालच में न आएँ
अनजान कॉल/मैसेज पर केवाईसी अपडेट न करें
संदेह होने पर तुरंत 112 या नजदीकी थाना/साइबर सेल से संपर्क करें।किसी ने खाता इस्तेमाल करने को कहा हो तो मना करें और सूचना दें।



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