उपभोक्ताओं से केवाईसी पूर्ण कराने और सुरक्षा जांच कराने की अपील
धमतरी। कलेक्टर के निर्देशानुसार खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा जिले में घरेलू गैस सिलेण्डर के व्यवसायिक उपयोग को रोकने के लिए होटल, भोजनालय और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान घरेलू गैस सिलेण्डर का व्यावसायिक उपयोग करते पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच के दौरान अब तक जिले के 14 प्रतिष्ठानों (होटल/भोजनालय/रेस्टोरेंट) में घरेलू गैस सिलेण्डर का व्यावसायिक उपयोग पाया गया। इस पर द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियम) आदेश 2000 की कंडिका 03 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 सहपठित धारा 07 के उल्लंघन के तहत प्रकरण दर्ज करते हुए 22 गैस सिलेण्डर जप्त किए गए।
इसी क्रम में 14 मार्च को कुरूद विकासखंड में भी जांच की गई। यहां 5 प्रतिष्ठानों (होटल/भोजनालय/रेस्टोरेंट) में घरेलू गैस सिलेण्डर का व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए 10 घरेलू गैस सिलेण्डर जप्त किए गए। इस प्रकार जिले में अब तक कुल 19 प्रतिष्ठानों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करते हुए 32 गैस सिलेण्डर जप्त किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस सिलेण्डर का दुरुपयोग रोकने के लिए जिले में जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सिलेण्डर केवल घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित है। इसका व्यावसायिक उपयोग नियमों का उल्लंघन है और ऐसा पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में जिले के घरेलू गैस उपभोक्ताओं से निम्नानुसार अपील की गई है—
• ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को पूर्व में कराए गए रिफिलिंग के 45 दिन बाद ही अगली रिफिलिंग के लिए मोबाइल के माध्यम से ओटीपी आधारित बुकिंग की सुविधा मिलेगी।
• शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को पूर्व में कराए गए रिफिलिंग के 25 दिन बाद अगली रिफिलिंग के लिए ओटीपी आधारित मोबाइल बुकिंग उपलब्ध होगी।
• जिन उपभोक्ताओं का केवाईसी पूर्ण नहीं हुआ है, उनकी गैस बुकिंग संभव नहीं होगी। ऐसे उपभोक्ता संबंधित गैस एजेंसी में गैस कार्ड, आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर के साथ उपस्थित होकर केवाईसी पूर्ण कराएं।
सुरक्षा की दृष्टि से उपभोक्ताओं को यह भी सलाह दी गई है कि हर दो वर्ष में गैस कनेक्शन की सुरक्षा जांच संबंधित वितरक के प्रशिक्षित मैकेनिक से कराएं तथा हर पांच वर्ष में या खराब होने पर गैस होज पाइप अवश्य बदलें, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
इसके अलावा यदि किसी उपभोक्ता की मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार के सदस्य गैस कार्ड, मृत्यु प्रमाण पत्र, नए सदस्य का आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ संबंधित गैस एजेंसी में आवेदन प्रस्तुत कर गैस कनेक्शन का नामांतरण (ट्रांसफर) करवा सकते हैं।
खाद्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में घरेलू गैस सिलेण्डर की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है तथा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, इसलिए उपभोक्ताओं को घबराने या अनावश्यक रूप से अतिरिक्त सिलेण्डर जमा करने की आवश्यकता नहीं है। विभाग द्वारा गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है।





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