जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है व्यवस्था, शिविर लगाए गए, सर्वे टीम भी पहुंची
धमतरी।शुक्रवार को गंगरेल से करीब 2.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। नदी ने कई स्थानों पर रौद्र रूप धारण कर लिया है। इसका असर नदी किनारे बसे गांव पर हुआ है।दरगहन गांव भी बहुत ज्यादा प्रभावित रहा। अंधेरे में लोगों ने रात गुजारी, बड़े मुश्किल से कई लोग सुबह का सूर्य देख पाए। गांव की निचली बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया।करीब 40 से 50 घरों के जलमग्न हो गया था
अंधेरे में गुजारी रात,भवनों में किया गया शिफ्ट
सरपंच लक्ष्मी दुलाराम नेताम ने बताया कि महानदी का पानी लगभग 40 घरों में घुस गया। मिट्टी के घर तो पूरी तरह से बर्बाद हो गए।शनिवार को स्थिति में थोड़ी सुधार आया है। मकान, सामान सब बर्बाद हो गया।रात में ही लोगों को अलग-अलग भवनों में शिफ्ट किया गया था। रात में बेहद परेशानी हुई, लाइट भी पूरी तरह से बंद रहा। ट्रांसफार्मर खराब हो गए। शनिवार को अधिकारियों, स्वास्थ्य की टीम गांव पहुंची हुई है।शिविर लगाया गया है।नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा भी गांव पहुंचे। उन्होंने लोगों को आश्वस्त कराया कि खाना दवाई की व्यवस्था यहां पर बनी रहेगी।बाकी आंकलन के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।




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