कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने तैयारियों की समीक्षा कर दिए निर्देश
वास्तविक किसानों से धान खरीदी और छोटे किसानों को प्राथमिकता देने पर जोर, अवैध परिवहन एवं बिचौलियों की गतिविधियों पर रहेगी विशेष निगरानी
धमतरी। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी, सुव्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता, फर्जीवाड़े, अवैध परिवहन और बिचौलियों की भूमिका पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि धान खरीदी शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वास्तविक किसानों से ही धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए तथा छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाए।
सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी, जांच नाकों पर अवैध परिवहन की होगी धरपकड़
धान के अवैध परिवहन, कोचियों और बिचौलियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कलेक्टर ने मुख्य मार्गों, बोरई सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा जांच नाके स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह व्यवस्था आगामी दो दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से शुरू हो जानी चाहिए। सीमावर्ती क्षेत्रों और धान परिवहन के प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाए। अवैध रूप से धान का परिवहन करते पाए जाने पर संबंधित वाहन और धान जब्त करने की कार्रवाई की जाए। जब्त वाहनों को तीन से चार माह बाद ही नियमानुसार छोड़ने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ नियमित जांच और निगरानी करने को कहा।
फर्जी पंजीयन पर होगी कार्रवाई, पंचायतों से कराया जाएगा सत्यापन
किसानों के पंजीयन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों के माध्यम से पंजीयन का सत्यापन कराने और वास्तविक कृषकों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीयन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, दूसरे के नाम पर धान बेचने अथवा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उपार्जन का प्रयास करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले तथा अनियमितताओं में सहयोग करने वाले संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
टोकन व्यवस्था में छोटे किसानों को प्राथमिकता
बैठक में टोकन व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने छोटे एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर टोकन जारी करने तथा खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और उपार्जन केंद्रों में भीड़ तथा अव्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। खरीदी से संबंधित सभी प्रक्रियाओं का निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पालन किया जाए।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी की पूरी अवधि में नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य वास्तविक किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य पर सहज, पारदर्शी और समयबद्ध लाभ दिलाना है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तत्परता, जिम्मेदारी और आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।




0 टिप्पणियाँ