धमतरी।फसल चक्र परिवर्तन, जैविक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र के उत्कृष्ट कार्य करने पर विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्राम पंचायत परसतराई को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया गया। ग्रामीणों की इस सराहनीय कार्य को स्मृति पटल पर सदैव अंकित रखने के लिए परसतराईवासियों ने कलेक्टर नम्रता गांधी, सीईओ जिला पंचायत रोमा श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय सहित जिला प्रशासन के साथ रात्रि भोज किया। इस मौके पर अधिकारियों ने अपने हाथों से ग्रामीणों को भोजन परोसा।
ज्ञात हो कि विश्व पर्यावरण दिवस पर जिले में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी में फसल चक्र परिवर्तन, जैविक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर ग्राम पंचायत परसतराई को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के आरंभ में कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों और ग्रामीणों की उपस्थित में गांव के पुराने वटवृक्ष पर रक्षा सूत्र बांधकर वृक्षां को सहेजने, उनकी देखभाल करने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में ग्राम के सरपंच परमानंद आडिल, यमुना सोनबर , देवी साहू, मीणा साहू , गौरबती धुर्वे, सहित अन्य लोगो ने बताया कि पूर्व में जब हम धान की खेती किया करते थे, तब हमारे गांव में पानी की बहुत परेशानी होती थी। इस दिशा में ग्राम प्रमुखों और गांव के लगभगब 250 किसानों ने गंभीरता से विचार किया और यह निर्णय लिया कि वे अब रबी में धान की फसल नहीं लेंगे। इसके स्थान पर वे अन्य दलहन, तिलहन फसलों की खेती करेंगे, जिसमें पानी कम उपयोग होता हो। ऐसा नहीं करने पर संबंधित किसान के विरूद्ध 27 हजार रूपये अर्थदण्ड लगाने का प्रावधान में ग्रामीणों द्वारा किया गया। इसके साथ ही इस गांव में रैन वाटर हार्वेस्टिंग, सोख्ता गड्ढा, रूफटॉप स्ट्रक्चर बनाया गया है साथ ही 203 ट्यूबवेल हैं। पहले जहां भूमिगत जल का स्तर लगभग 200 फीट पहुंच गया था, वह अब लगभग 70 फीट पर आ गया है, जिसके कारण गांव में अब गर्मी के मौसम में भी पानी की कमी नहीं होती है। साथ ही फसल चक्र के कारण भूमि की उर्वरक क्षमता में वृद्धि भी हुई है, जिसका सीधा लाभ हम किसानों को मिल रहा है।





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