धमतरी।उदंती-सीतानदी टाईगर रिजर्व गरियाबंद के अन्तर्गत परिक्षेत्र इंदागांव (धुरवागुड़ी) बफर के अन्तर्गत पीपलखूंटा 'ब' बीट आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 1204 में वन्यप्राणी कोटरी एवं उड़न गिलहरी का शिकार करने वाले 5 आरोपियों को जेल भेज गया था। जिसमें से एक व्यक्ति हिरासिंग पिता कान्दरु कमार ग्राम-अछला, थाना-रायघर, जिला-नवरंगपुर (ओड़िशा) को पुछताछ के लिए परिक्षेत्र कार्यालय इंदागांव (धुरवागुडी) बफर लाया गया । पुछताछ के दौरान उनके चाचा के घर एक भरमार बन्दुक को सर्च वारंट जारी कर जप्त किया जा चुका है। प्रकरण में शामिल 10 आरोपियों के विरुद्ध परिसररक्षी रामकृष्ण साहू गेमगार्ड के द्वारा पी.ओ.आर.प्रकरण दर्ज कर वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9.27.29,31,39 (1) द.50.50 (स),51 एवं 52 के तहत कार्यवाही किया गया।
इस प्रकरण में 5 अन्य संदेही फरार थे। 17 मार्च को सूचना के आधार पर पांचों आरोपियों को गरियाबंद से एंटी पोचिंग टीम के द्वारा हिरासत में लिया गया। परिक्षेत्र कार्यालय इंदागांव (धुरवागुड़ी) बफर लाकर पुछताछ करने पर सभी आरोपियों ने 10 मार्च की मध्य रात्रि छ.ग. के गोडेना कछार जंगल आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 1204 में अवैध प्रवेश कर वन्यप्राणी कोटरी एवं उड़न गिलहरी का तीर धनुष एवं गुलेल द्वारा शिकार का अपराध स्वीकार किया। आरोपी प्रभुलाल के घर से कोटरी का लगभग 100 ग्राम मांस बरामद किया गया। सभी आरोपियों को 18 मार्च को न्यायालय प्रथम श्रेणी देवभोग के समक्ष प्रस्तुत किया गया एवं जहां से न्यायालय के आदेश पर 10 दिनों के न्यायिक अभिरक्षा पर जिला जेल गरियाबंद दाखिला किया गया।
इस कार्यवाही में उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन के मार्गदर्शन में सहायक संचालक (उदंती) मैनपुर, गोपाल सिंह कश्यप, सुशील कुमार सागर परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव. चन्द्रबली ध्रुव वन परिक्षेत्र अधिकारी दक्षिण उदंती, भूपेन्द्र कुमार सोनी वनपाल. विरेन्द्र कुमार ध्रुव, टकेश्वर देवागन व.र. रुस्तम यादव, रामकृष्ण साहू, जय ललीता ध्रुव, पामेश्वरी, देवीसिंग यादव पेट्रोलिंग श्रमिक. गिरधारी बिसी, पुनीत राम ध्रुव, जानकी बाई ठाकुर व सुरक्षा श्रमिक इंदागांव (धुरवागुड़ी) बफर एवं दक्षिण उदंती परिक्षेत्र एवं उड़ीसा प्रांत के वन कर्मचारी शामिल रहे।




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