धमतरी। शहर में विश्व होम्योपैथिक दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन होम्योपैथी पद्धति के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ, जिसमें जिले के होम्योपैथिक चिकित्सक एवं स्वास्थ्य से जुड़े लोग शामिल हुए। कार्यक्रम को शुभारंभ डॉ हैनिमन के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पद्धति कई असाध्य एवं जटिल रोगों के उपचार में प्रभावी साबित हो रही है। चिकित्सकों ने बताया कि होम्योपैथी इलाज का एक सुरक्षित विकल्प है, जो मरीजों को दीर्घकालिक राहत प्रदान करता है।इस अवसर पर होम्योपैथी के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को इस चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों ने होम्योपैथी के विकास और विस्तार के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प भी लिया। इस दौरान डॉ विकास वर्मा, डॉ पपेश जैन ,डॉ तेजराम साहू, डॉ गिरवर साहू, डॉ भूपेंद्र सोनी, डॉ भूपेंद्र साहू, डॉ राकेश साहू,डॉ गोपेश साहू, डॉ देवेश सिन्हा, डॉ भूषण साहू, डॉ देवेंद्र सिन्हा, डॉ मनोज सिंह, डॉ नरेंद्र चंद्राकर आदि मौजूद थे।
हर साल 10 अप्रैल को, होम्योपैथी के संस्थापक जर्मन चिकित्सक सैमुअल हैनीमैन के जीवन और विरासत की सराहना करने के लिए दुनिया भर के लोग विश्व होम्योपैथी दिवस मनाते हैं। वह डॉक्टर थे जिन्होंने अठारहवीं शताब्दी के अंत में नई वैकल्पिक चिकित्सा का बीड़ा उठाया था, जिससे उन्होंने होमियोपैथी चिकित्सा के माध्यम से संपूर्ण मेडिकल साइंस में एक नया रूप दिया है।




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