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खाल के लिये बाघ को मारने का कॉन्ट्रैक्ट देने वाले आरोपी सहित 7 गिरफ्तार



आरोपियों से हिरण का सींग, जहर की बोतल एवं जहर से मरी हुई मछलियां-केकड़े जप्त, अन्य आरोपी फरार


भूपेंद्र साहू

धमतरी।उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व टीम द्वारा एक बड़ी वन्यजीव अपराध साजिश का पर्दाफाश करते हुए टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघ के शिकार की योजना को विफल किया गया है। इसमें बाघ की खाल के लिए कॉन्ट्रैक्ट देने वाले मुख्य आरोपी सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर जहर, हिरण के सिंग एवं अन्य सामग्री जप्त किया गया है।

वन विभाग को प्राप्त गोपनीय सूचना के अनुसार ओडिशा राज्य के नुआपाडा जिला के कुछ व्यक्तियों द्वारा उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघ का शिकार करने की साजिश की जा रही थी। सूचना प्राप्त होते ही उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व गरियाबंद की एंटी पोचिंग टीम द्वारा सतर्कता बढ़ाते हुए निगरानी एवं जांच प्रारंभ की गई।कार्रवाई के दौरान 9 मई को आरोपी रमन हेरना पिता केदार हेरना उम्र लगभग 76 वर्ष ग्राम खिपरीमाल थाना सिनापाली जिला नुआपाड़ा ओडिशा को पकड़ा गया। जिससे चीतल का सींग जप्त हुआ। आरोपी रमन हेरना के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत दर्ज किया गया। पूछताछ में रमन हेरना ने बताया कि उसने ग्राम कोसमखुंटा निवासी हिंगुल रावत नामक व्यक्ति को बाघ की खाल उपलब्ध कराने का ठेका दिया था। रमन हेरना के अनुसार हिंगुल रावत ने आश्वासन दिया था कि वह बाघ को जहर, तीर कमान से मारने की योजना बनाएगा तथा यूएसटीआर सीमा से लगे ओडिशा के कटफाड़ गांव के 6-7 लोगों को इस कार्य में लगाएगा।


यूएसटीआर की एंटी पोचिंग टीम 10 मई को रमन हेरना को ग्राम कोसमखुटा लेकर गई, जहां उसने उस व्यक्ति की पहचान की जिसने उसे बाघ की खाल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। रमन हेरना के प्रत्यक्ष शिनाख्त के आधार पर उक्त व्यक्ति को पूछताछ हेतु परिक्षेत्र कार्यालय कुल्हाड़ीघाट मुख्यालय मैनपुर लाया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम जालंधर बागरती बताया एवं हिंगुल रावत के बारे में कोई भी सूचना साझा नहीं की। मुख्य आरोपी रमन हेरना ने जालंधर बागरती की पहचान उसी व्यक्ति के रूप में की जिसने बाघ की खाल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। इसी दिन 10 मई को उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व की पेट्रोलिंग टीम द्वारा ग्राम कटफाड़ ओडिशा के 6 व्यक्तियों द्वारा परिक्षेत्र कुल्हाड़ीघाट के अंतर्गत स्थित रानीबरझोला नाला में अवैध प्रवेश कर बाघ एवं हाथी विचरण क्षेत्र में शिकार के उददेश्य से नाला के पानी को जहरीला कर शिकार करते पकड़ा गया। जहर की शीशी, मृत मछलियां केकड़े जप्त किये गये। 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया एवं जहर को फॉरेंसिक टीम की मदद से पुलिस एफ.एस.एल लैब रायपुर भेजा जा रहा है।11 मई को आरोपी रमन हेरना एवं 12 मई को कटफाड़ ग्राम (ओडिशा) के 6 आरोपियों - बुधराम पहरिया, अनंतराम पहरिया, मनलाल पहरिया, दिगसन पहरिया, धनु चिड़ा और मधुराम पहरिया सभी ल को माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राजिम, छत्तीसगढ़ के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां न्यायालय द्वारा आरोपियों को 14 दिवस की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। कुसुमखूंटा एवं कटफाड़ ग्राम के फरार आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए तथा इस षड्यंत्र का प्रमुख संदिग्ध मानते हुए वन विभाग द्वारा जालंधर बागरती को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35 के अंतर्गत विवेचना में सहयोग करने की शर्त पर मुचलके पर मेडिकल परीक्षण (एमएलसी) कराने के पश्चात उनके परिजन के सुपुर्द किया गया।

वर्तमान में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत बाघ की सक्रिय उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए तथा अन्य शिकारियों के फरार होने की संभावना के कारण वन विभाग द्वारा पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। वन अमला द्वारा ओडिशा सीमा पर कई जगहों पर कैम्प लगाकर एवं धर्मल ड्रोन का उपयोग कर दिन-रात सतत निगरानी और गश्ती की जा रही।उक्त कारवाई में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व, खरियार वनमंडल (ओडिशा) एवं फॉरेंसिक टीम गरियाबंद पुलिस का योगदान रहा।



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