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“Pill Induced Esophagitis”: बिना पानी दवा निगलने से युवक की भोजन नली में हुआ घाव...विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण सलाह

 


कुरूद के युवक में एंडोस्कोपी से सामने आया दुर्लभ लेकिन महत्वपूर्ण मामला


धमतरी । कुरूद निवासी 24 वर्षीय युवक ने बिना पानी के डॉक्सीसाइक्लिन कैप्सूल ले लिया। जिसके बाद भोजन नली (Esophagus) में गंभीर चोट और अल्सर बनने का एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। मरीज को अचानक गले और छाती के बीच कुछ फंसे होने जैसा महसूस होने लगा तथा निगलने में दर्द और असहजता की शिकायत होने लगी।

स्थिति गंभीर महसूस होने पर मरीज ने चिकित्सकीय परामर्श लिया, जिसके बाद एंडोस्कोपी जांच की गई। जांच में भोजन नली के मध्य भाग में सतही अर्धवृत्ताकार (Semicircular) अल्सर तथा गैस्ट्रो-इसोफेजियल जंक्शन पर हल्का क्षरण (Erosion) पाया गया। विशेषज्ञों के अनुसार यह “Pill Induced Esophagitis” अर्थात दवा के कारण भोजन नली में हुई चोट का एक क्लासिक और शिक्षाप्रद उदाहरण है।


विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप साहू ने बताया कि डॉक्सीसाइक्लिन जैसी दवाएं यदि बिना पर्याप्त पानी के ली जाएं या दवा लेने के तुरंत बाद मरीज लेट जाए, तो कैप्सूल भोजन नली में कुछ समय के लिए अटक सकता है। ऐसी स्थिति में दवा वहीं घुलने लगती है और उसका रासायनिक प्रभाव भोजन नली की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाता है। इससे जलन, सूजन, छाले और अल्सर तक बन सकते हैं।

उन्होंने बताया कि भोजन नली का मध्य भाग शरीर की संरचना के कारण अपेक्षाकृत संकरा होता है, इसलिए दवाएं वहां आसानी से रुक सकती हैं। यही कारण है कि अधिकांश “पिल इसोफेजाइटिस” के मामलों में घाव भोजन नली के मध्य हिस्से में पाए जाते हैं।


डॉ. साहू के अनुसार मरीजों में इस प्रकार की समस्या के प्रमुख लक्षणों में अचानक निगलने में दर्द, छाती में जलन, गले में कुछ अटकने का एहसास, खाना निगलने में कठिनाई तथा कभी-कभी तेज सीने का दर्द भी शामिल हो सकता है। कई बार मरीज इसे सामान्य एसिडिटी, गैस या गले का संक्रमण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

उन्होंने बताया कि चिकित्सा साहित्य में यह बीमारी अपेक्षाकृत दुर्लभ मानी जाती है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक मामलों की संख्या कहीं अधिक हो सकती है क्योंकि कई मरीज जांच तक नहीं कराते। विशेष रूप से युवा वर्ग में, जहां एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग अधिक होता है, ऐसे मामलों की संभावना बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार डॉक्सीसाइक्लिन के अलावा कुछ अन्य दवाएं जैसे टेट्रासाइक्लिन, क्लिंडामाइसिन, पेनकिलर दवाएं, आयरन की गोलियां तथा कुछ ऑस्टियोपोरोसिस की दवाएं भी भोजन नली में चोट पहुंचा सकती हैं यदि उन्हें गलत तरीके से लिया जाए।

डॉ. प्रदीप साहू ने लोगों को सलाह दी कि किसी भी कैप्सूल या टैबलेट को हमेशा पर्याप्त मात्रा में पानी के साथ लेना चाहिए। दवा लेने के तुरंत बाद लेटना नहीं चाहिए तथा कम से कम 20–30 मिनट तक सीधे बैठना या खड़े रहना बेहतर होता है। रात में सोने से ठीक पहले दवा लेने से भी बचना चाहिए।उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और सही उपचार से अधिकांश मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। इस मामले में भी मरीज को आवश्यक दवाएं, एसिड कम करने की चिकित्सा तथा खानपान संबंधी सावधानियां दी गई हैं।

डॉ. साहू ने कहा कि यह मामला आम लोगों के साथ-साथ मेडिकल विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण सीख है कि साधारण दिखने वाली दवा भी गलत तरीके से लेने पर गंभीर समस्या पैदा कर सकती है।




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