धमतरी।उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (यूएसटीआर) के लिए हाल ही में एक अत्यंत उत्साहजनक और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। हाल के दिनों में विभिन्न क्षेत्रों में लगे कैमरा ट्रैप से प्राप्त वीडियो और तस्वीरों ने एक बाघिन की नियमित उपस्थिति की पुष्टि की है, जो संभवतः प्राकृतिक रूप से विचरण करते हुए उदंती-सीतानदी के वनों में पहुँची है और अब इस क्षेत्र को अपना नया घर बना रही है।
उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि वन विभाग इस बाघिन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उसके लिए अनुकूल आवास उपलब्ध कराने हेतु संरक्षण एवं प्रबंधन के प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व पुनः मध्य भारत के प्रमुख बाघ परिदृश्यों में अपना गौरवपूर्ण स्थान प्राप्त कर सके।
"इस बाघिन की उपस्थिति केवल एक वन्यजीव की कहानी नहीं है, बल्कि यह आशा, पुनर्जीवन और प्रकृति की सकारात्मक प्रतिक्रिया का संदेश है। यह दर्शाता है कि उदंती-सीतानदी में किए गए संरक्षण प्रयास रंग ला रहे हैं और यह परिदृश्य एक बार फिर बाघों का सुरक्षित घर बनने की दिशा में अग्रसर है।"





0 टिप्पणियाँ