भूपेंद्र साहू
धमतरी। नगरी के दूरस्थ क्षेत्र सीता नदी अभ्यारण इलाके में मूलभूत सुविधाओं को लेकर जल, जंगल, जमीन संघर्ष समिति के तत्वाधान में बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे थे। दोपहर बाद कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, एसपी सूरज सिंह परिहार प्रशासनिक अमला के साथ प्रदर्शन स्थल पहुंचे और ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद की।
ये है प्रमुख मांग
अरसीकन्हार से गरहाडीही जंक्शन तक 25 किमी पक्की सड़क, गहनगिरिया से जोरातराई तक 25 किमी सड़क, खल्लारी से नवगांव तक 5 किमी सड़क, देवरी और बेलरबाहरा के आश्रित गांवों तक पक्की सड़क, बोरई, लिबमा, कुरीगांव, बहीगांव, बोरसील्ली के सभी आश्रित गांवों तक पक्की सड़क, खल्लारी से लिबमा तक 15 किमी सड़क निर्माण जरूरी बताया गया है। मांग पत्र में उजरावन के पास सोंदूर नदी पर 80 मीटर का पुल की मांग की गई है। खल्लारी के पास गरांजी नदी पर पुल बनाने की मांग भी रखी गई. जिले के रिसगांव, खल्लारी, फरसगांव, नवागांव-लीलांज के आश्रित गांवों में पर्याप्त बिजली सुविधा नहीं होने की बात कही गई।
कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने बताया कि USTR क्षेत्र में 7 सूत्रीय मांगों को लेकर पहुंचे थे।जिसमें पुल पुलिया, सड़क, बिजली प्रमुख है।जायज मांगो को पूरा कर लिया जाएगा। टाइगर रिजर्व क्षेत्र का नियम अलग है।पुल जरूरी है उसे जल्द करवाया जाएगा। रेंजर के ट्रांसफर के लिए कह दिया गया है। कुछ कामों में समय लगेगा।
गरियाबंद जिला पंचायत के सदस्य संजय नेताम ने बताया कि बिंदुवार चर्चा हुई है। कलेक्टर ने अपनी बात रखी है। हमारी कोर कमेटी बनी है उसमें चर्चा करेंगे। अभी आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है।कुछ में सहमति कुछ में असहमति है। टाइगर रिजर्व क्षेत्र में मूलभूत समस्याएं बनी हुई है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज साक्षी ने कहा कि प्रशासन के साथ सार्थक चर्चा हुई है। किंतु संतोषजनक जवाब अप्राप्त है।साथियों से चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा ।हम सभी सदियों से सताए हुए लोग हैं।
जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति के सदस्य सिर्धन सोम ने कहा कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र के गांवों में रहने वाले लोग आजादी से पहले से वहां बसे हुए हैं, लेकिन आज भी उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है।प्रशासन के साथ चर्चा हुई है। ठोस या लिखित आश्वासन नहीं मिला है। मांग पूरी नहीं होने की दशा में एक माह का राशन लेकर आए हैं आंदोलन जारी रहेगा।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव ने कहा आदिवासी समाज अपनी सरलता, सहजता और अदम्य साहस के लिए जाना जाता है। प्रकृति की गोद में रहकर पर्यावरण की रक्षा करना और शांतिप्रिय जीवन जीना हमारी संस्कृति है। लेकिन हमारी सरलता को हमारी कमजोरी समझने की भूल कोई न करे। आदिवासी समाज के हितों की रक्षा करना हम सभी का परम कर्तव्य है, और हम अपने अधिकारों के लिए लड़ना भी जानते हैं।
बड़ी संख्या में बल तैनात
स्थिति को देखते हुए धमतरी के अलावा आसपास के अन्य जिलों सहित पुलिस बल मंगा लिया गया था।अप्रिय स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड भी तैनात कर दिया गया था।






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