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53 पेटी शराब कांड में बड़ा खुलासा: अरकार से आया था पूरा माल, निकाले गए 5 कर्मचारी

 



कर्मचारियों का आरोप, आबकारी उप निरीक्षक के कहने पर दी गई थी शराब, मामला खुलते ही नौकरी से निकाला


धमतरी पुलिस ने की थी कार्यवाही


धमतरी। धमतरी जिले में अर्जुनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत 53 पेटी शराब जब्ती मामले ने अब नया मोड़ आया गया है। जिस मामले में अब तक केवल शराब जब्ती की कार्रवाई सामने आई थी, उसमें अब आबकारी विभाग के ही एक उप निरीक्षक पर गंभीर आरोप लगा है। अरकार स्थित शराब दुकान से हटाए गए कर्मचारियों का दावा है कि उन्होंने 53 पेटी शराब अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि आबकारी विभाग के उप निरीक्षक के मौखिक निर्देश पर धमतरी जिले के एक व्यक्ति को दी थी। अब मामला उजागर होने के बाद पूरे घटनाक्रम का ठीकरा कर्मचारियों के सिर फोड़ दिया गया।


 25 जुलाई को धमतरी जिले के अर्जुनी थाना पुलिस ने ग्राम धौराभांठा एक मकान से 53 पेटी शराब बरामद की थी। इसमें दो व्यक्तियों को गिरफ्तार भी किया गया। जांच में यह बात सामने आई कि जब्त की गई शराब बालोद जिले के अरकार शराब दुकान से निकाली गई थी। इसके बाद विभाग ने सुपरवाइजर समेत पांच कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया।

हटाए गए कर्मचारी यशपाल देशमुख, चुम्मन साहू और दिलीप निर्मलकर ने मीडिया के सामने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आबकारी उप निरीक्षक ने स्वयं उन्हें संबंधित व्यक्ति को शराब देने के निर्देश दिए थे। विभागीय अधिकारी के आदेश को उन्होंने सरकारी निर्देश मानकर पालन किया, लेकिन मामला खुलने के बाद जिम्मेदारी से बचने के लिए उन्हीं कर्मचारियों को हटा दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि यदि शराब की निकासी अवैध थी तो सवाल यह है कि बिना विभागीय संरक्षण के इतनी बड़ी मात्रा में शराब दुकान से बाहर कैसे चली गई?



बनाया दबाव

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि जब शराब जब्ती का मामला सामने आया तो उप निरीक्षक ने अपने बचाव के लिए उन पर दबाव बनाया। कर्मचारियों का दावा है कि इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है, जो जांच का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।

अब यह मामला केवल अवैध शराब की जब्ती तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यदि निकाले कर्मचारियों के आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो जांच की आंच विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों तक भी पहुंच सकती है।



जांच का भरोसा दिया

बालोद जिला आबकारी अधिकारी डॉ. पलक नंदा ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है।




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