नशे के कारोबारियों पर धमतरी पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक प्रहार
धमतरी। पुलिस द्वारा अब कार्यवाही को केवल गिरफ्तारी और न्यायालयीन प्रकरणों तक सीमित न रखते हुए, मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों को चिन्हांकित कर उन पर भी सीधा आर्थिक प्रहार किया जा रहा है।
इसी क्रम में नगर पुलिस अधीक्षक धमतरी एवं थाना प्रभारी सिटी कोतवाली द्वारा विस्तृत जांच, वित्तीय विश्लेषण एवं उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े आरोपियों की संपत्तियों की जानकारी एकत्रित की गई। जांच में बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, बीमा योजनाओं, वाहनों एवं अचल संपत्तियों में निवेश की जानकारी सामने आई।
उक्त संपत्तियों को NDPS Act, 1985 की धारा 68F के तहत फ्रीज करने की कार्यवाही की गई तथा प्रकरणों को सक्षम प्राधिकारी SAFEMA/NDPSA, मुंबई के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
🔹 *प्रथम SAFEMA प्रकरण* - आरती रजक-आरोपी आरती रजक, पत्नी स्व. राम रजक से संबंधित बैंक खातों एवं निवेशित राशि की जांच में कुल 12,93,636.76 रूपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज की गई।फ्रीज की गई संपत्तियों में बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट एवं अन्य वित्तीय निवेश शामिल हैं।सक्षम प्राधिकारी द्वारा संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया। उपलब्ध दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के परीक्षण के पश्चात दिनांक 23 जुलाई 2026 को फ्रीजिंग आदेश की पुष्टि की गई।
🔹 *द्वितीय SAFEMA प्रकरण*-
आरोपी करण सिंह धुरी, उसकी पत्नी उषा बाई धुरी एवं पुत्री जाइका धुरी से संबंधित बैंक खातों, वाहन एवं अचल संपत्तियों सहित कुल 22,91,479.75 रूपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज की गई।सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रकरण में उपलब्ध दस्तावेजों, साक्ष्यों एवं अभिलेखों का परीक्षण किया गया। संबंधित पक्षों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद संपत्तियों के वैध आय स्रोत के संबंध में संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
*उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सक्षम प्राधिकारी SAFEMA/NDPSA, मुंबई द्वारा दिनांक 23 जुलाई 2026 को थाना सिटी कोतवाली धमतरी के फ्रीजिंग आदेश की पुष्टि कर दी गई।*
इस प्रकार दोनों SAFEMA प्रकरणों में नशे के अवैध कारोबार से संबंधित आरोपियों की पैंतीस लाख पचासी हजार एक सौ सोलह रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति फ्रीज की गई है।
▪️ *अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क पर भी कार्यवाही*
उल्लेखनीय है कि संबंधित आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में NDPS Act के तहत अपराध पंजीबद्ध हैं तथा उनके विरुद्ध PITNDPS Act के तहत भी वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है।




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