" बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी राखी, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की "
धमतरी। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जिला जेल धमतरी में भाई-बहन के अटूट प्रेम और भावनाओं का ऐसा दृश्य देखने को मिला। जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। जेल में निरुद्ध 142 बंदियों को उनके 393 बहनों ने अपने भाइयों से मुलाकात कर उनकी कलाई पर राखी बांधी और उनके सुखद, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जेल की चारदीवारी और परिस्थितियों की दूरी के बावजूद भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम की गर्माहट कम नहीं हुई। जैसे ही बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, कई भाई भावुक हो उठे और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर मिठाई खिलाई तथा उन्हें जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
रक्षाबंधन केवल कलाई पर बांधा जाने वाला धागा नहीं बल्कि विश्वास, स्नेह, सुरक्षा और जीवनभर साथ निभाने का भावनात्मक संकल्प है। इस अवसर पर बहनों का प्रेम बंदियों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आया। रक्षासूत्र के उस छोटे से धागे में वर्षों का अपनापन बचपन की यादें और भाई के बेहतर जीवन की बहन की प्रार्थना समाई हुई थी। इस अवसर पर जिला जेल प्रशासन द्वारा बंदियों की बहनों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई। ताकि वे अपने भाइयों के साथ रक्षाबंधन का पवित्र पर्व आत्मीयता और सौहाद के साथ मना सकें।

जेल प्रशासन ने कहा कि सुधार केवल दंड से नहीं, बल्कि प्रेम, परिवार के सहयोग और समाज से जुड़ाव से भी संभव है। ऐसे पर्व बंदियों में अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारी, सकारात्मक सोच और समाज की मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा पैदा करते हैं। रक्षाबंधन के इस अवसर पर जिला जेल धमतरी में बंधी राखियां मानो यही संदेश दे रही थीं-रिश्तों की डोर जेल की दीवारों से नहीं टूटती, बल्कि प्रेम और विश्वास उसे और मजबूत बनाते हैं। उक्त कार्यकम में जेल अधीक्षक महेश कुमार व नरेन्द्र कुमार डहरिया, सहायक जेल अधीक्षक के निगरानी में दानी लाल साहू शिक्षक दिनेश गजेन्द्र, मुख्य प्रहरी मदन लाल साहू, मुख्य प्रहरी, निरंजन रात्रे प्रहरी, सत्यनारायण साहू प्रहरी एवं रिपुसुदन निषाद प्रहरी, उमेश कुमार पुरेना एवं जेल के सभी सुरक्षा स्टाफ, आवश्यक पुलिस बल एवं सी.ए.एफ गार्ड के सहयोग से शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ।
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