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Mission लक्ष्य: 24 घंटे बाद पाईप में फंसे मिली मासूम की लाश... परिजनों का रो रो कर बुरा हाल..सुरक्षा पर सवाल

 



धमतरी। शहर के सोरिद वार्ड में रविवार शाम हुए दर्दनाक हादसे के बाद जो मिशन लक्ष्य चलाया गया था वह पूरा तो हो गया लेकिन अफसोस कि मासूम की जान चली गई। बच्चा उसी पुल के नीचे पाइप में फंसा हुआ मिला। इस 24 घंटे में परिवार की स्थिति तो वही लोग समझ सकते हैं..वार्ड वासी आक्रोशित हुए.. चक्का जाम भी किया.. कई विभागों की लापरवाही भी सामने आई..इस हादसे के बाद अब सभी को सबक लेना होगा।

ज्ञात हो कि रविवार शाम करीब 5 बजे भर्रीपारा सोरिद निवासी लक्ष्य 7 वर्ष पिता गौतम साहू खेलते समय नाले के नीचे गिरकर गया। घटना की जानकारी मिलते ही वार्डवासियों की भीड़ मौके पर जुट गई थी पुलिस,नगर निगम और बचाव दल द्वारा बच्चे की तलाश शुरू की गई परंतु कुछ भी पता नहीं चल पाया था


चौक में किया चक्काजाम

मासूम के लापता होने के बाद आक्रोशित वार्डवासियों ने रविवार रात को नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया था। उन्होंने बच्चे की तलाश के लिए पुल तोड़ने की मांग भी उठाई थी। वहीं,रात के अंधेरे में रेस्क्यू अभियान चलाया गया। आधे पुल को तोड़ा गया लेकिन फिर भी कुछ भी नहीं मिल पाया। स्थानीय गोताखोर की टीम को भी पानी में उतारा गया लेकिन उन्हें भी कोई सफलता नहीं मिल पाई थी

चौथे नंबर के पाइप में फंसा हुआ था 

सोमवार की सुबह लगभग 11बजे से फिर मिशन चालू किया गया। लगातार पाइप को और पुल को तोड़ते गए। इस बीच एनडीआरएफ के टीम को भी आने की बात कही गई।स्थानीय वार्ड वासी पानी में उतरे। पार्षद विशु देवांगन वहां पर मौजूद रहे। आखिरकार लगभग 5:30 बजे बच्चा फंसा हुआ दिखाई दिया। जैसे ही बच्चा दिखाई दिया परिवार जनों की हालत खराब हो गई। इस बीच महापौर रामू रोहरा भी लगातार अपडेट लेते रहे। 108 एंबुलेंस लेकर पहुंचे जिसमें शव को जिला अस्पताल भेजा गया।



आखिर मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन?

इस दर्दनाक घटना के बाद कई गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। स्कूल के पास स्थित खुले नाले को सुरक्षा घेरे से क्यों नहीं ढका गया? बारिश के दौरान तेज बहाव वाले नाले के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए? और क्या समय रहते सुरक्षा के उपाय किए जाते तो इस हादसे को टाला जा सकता था?

खुले नाले की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हादसे के बाद नाले के आसपास सुरक्षा घेरा और चेतावनी बोर्ड नहीं होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी है।








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