सिहावा चौक–भोयना फोरलेन सड़क का निर्माण शुरू, अछोटा में महानदी पर बनेगा नया फोरलेन पुल
धमतरी।। धमतरी जिले में सड़क अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ रहा है। सिहावा चौक से भोयना तक 121 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सड़क का निर्माण प्रारंभ हो गया है। वहीं, महानदी पर अछोटा में 92 करोड़ रुपये की लागत से नए फोरलेन पुल के निर्माण को स्वीकृति मिल गई है। कुल 213 करोड़ रुपये की इन दोनों परियोजनाओं से शहर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन को अधिक सुगम बनाने तथा यातायात व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
धमतरी के महापौर रामू रोहरा ने नए पुल की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सिहावा चौक–भोयना फोरलेन सड़क के साथ अछोटा में नए पुल का निर्माण भी आवश्यक था। दोनों परियोजनाएं एक-दूसरे की उपयोगिता को बढ़ाएंगी और क्षेत्र में आवागमन को अधिक सुगम बनाने में मदद करेंगी। उन्होंने बताया कि इस आवश्यकता को लेकर राज्य शासन के समक्ष लगातार पहल की गई थी और बजट में भी परियोजना के लिए प्रावधान किया गया था। अब 92 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने से पुल निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
दोनों परियोजनाओं के पूर्ण होने पर धमतरी शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय नागरिकों, यात्रियों और व्यावसायिक गतिविधियों को लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क एवं पुल अधोसंरचना क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ाने के साथ धमतरी के समग्र विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।
भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित होगा सड़क नेटवर्क
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि सड़क और पुल जैसी आधारभूत सुविधाएं किसी भी क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। धमतरी में सिहावा चौक से भोयना तक फोरलेन सड़क का निर्माण और अछोटा में नए फोरलेन पुल की स्वीकृति जिले की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन परियोजनाओं से नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र की बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, निर्धारित मानकों और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है, ताकि नागरिकों को इन अधोसंरचनात्मक सुविधाओं का लाभ मिल सके।




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