भूपेन्द्र साहू
धमतरी।जब पाल ही नहीं सकते तो हमें क्यों पैदा किया शायद यही सवाल उन दोनों बच्चियों के मन में था जो बुधवार रात रुद्रेश्वर मंदिर के पास पाई गई। गनीमत रही कि किसी असमाजिक तत्वों के हाथ नहीं लगी। मौका रहते चाइल्ड लाइन, रुद्री पुलिस और बाल कल्याण समिति सभी के सहयोग से उन दोनों बच्चियों को कांकेर शिफ्ट कर दिया गया है।
मामला बुधवार 21 मई की है। रात लगभग 8:45 बजे चाइल्ड लाइन 1098 पर सूचना मिली कि रुद्रेश्वर मंदिर के पास दो बच्चियां बैठी रो रही है। थोड़ी देर में चाइल्ड लाइन की टीम रुद्री पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और फिर आगे की कार्रवाई में जुट गए।इस प्रक्रिया में बाल कल्याण समिति के आनंद पाठक का भी सहयोग रहा।
चाइल्ड लाइन के केंद्र समन्वयक नीलम साहू ने बताया कि सूचना पर जैसे ही मंदिर के पास पहुंचे तो एक 7 वर्ष की और एक 3 वर्ष की लड़की वहां पर बैठी हुई थी। पुलिस के सहयोग से रात में सखी सेंटर में रखा गया। दूसरे दिन बाल कल्याण समिति में पेश किया गया। जहां पर उनके पिता पहुंचे। तब यह जानकारी मिली की मां पहले से ही कहीं चली गई है। पिता मजदूरी करता है और अक्सर शराब पीने का आदी है। पिता ने वहां पर कहा कि वह इन दोनों बच्चों को पालने में असक्षम है। उसके बाद उन दोनों बच्चियों को कांकेर ले जाया गया। 7 साल की बच्ची को बालिका गृह में रखा गया है और 3 साल की बच्ची को दत्तक ग्रहण एजेंसी में रखा गया है। पिता ने कहा है कि वह इसे गोद लेने के लिए नहीं दे सकते हैं। 18 वर्ष की आयु तक की अनुमति देते हैं। उसके बाद उनका अधिकार होगा।
इस मामले में रुद्री थाना प्रभारी अमित बघेल ने बताया कि रुद्रेश्वर मंदिर में दो बच्चियों के मिलने की सूचना पर जब मौके पर पहुंचे तो पता चला उसका पिता छोड़कर चला गया है। रात में सखी केंद्र में रखने के बाद दूसरे दिन काउंसलिंग की गई।



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