धमतरी।धान खरीदी में अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान संघ ने कलेक्टोरेट का घेराव किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सभी पंजीकृत किसानों का पूरे धान की खरीदी करने की मांग की है। जिस किसान का टोकन नहीं कटा है उसका टोकन भी काटा जाये। धान खरीदी नहीं होने पर आगे किसान और उग्र आंदोलन करेंगे।
भारतीय किसान संघ एवं जिला किसान यूनियन के पदाधिकारी व सदस्य संयुक्त रूप से सेंट जेवियर्स स्कूल के सामने एकत्रित होकर सभा ली। जिसमें भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष लालाराम चंद्राकर, किसान यूनियन के प्रदेश संयोजक लीलाराम साहू, जिलाध्यक्ष घनाराम साहू, सिंधु बैस ने मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान ने मेहनत करके एक-एक दाना को एकत्रित किया है। जिसे सरकार खरीदने के लिए आनाकानी कर रही है। किसानों के उत्पादित धान को खरीदने के लिए कई किसानों का टोकन भी काटा गया है। मगर अब खरीदी में टाल मटोल कर रहे हैं।
ज्ञापन देकर मांग
भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम दिये ज्ञापन में कहा कि छग राज्य सरकार द्वारा की जा रही धान खरीदी इस वर्ष शुरूआत से ही भारी अव्यवस्था की शिकार रही है। किसान अपनी उपज बेचने के लिए परेशान है। शासन प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। कभी टोकन जारी नहीं करना, कभी खरीदी सीमा कम करना तो कभी खरीदी केन्द्रों पर अव्यवस्था होना आदि शामिल रहा है। जिसके कारण किसानों को धान बेचने के लिए इधर उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ा। धान खरीदी की प्रक्रिया को सुगम करने के प्रयास के बजाये भौतिक सत्यापन के नाम पर किसानों की ईमानदारी पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए प्रतीत हो रहा है। धान खरीदी के लिए अब 10 दिन शेष रह गये हैं। अब तक 60 प्रतिशत धान की खरीदी हो पाई है। किसानों को खाद, बिजली, पानी के लिए तरसाने के बाद अब अपनी उपज बेचने के समय भी किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है। यह किसानों के साथ अन्याय है। किसान संघ ने कहा कि शासन किसानों के प्रति अपमानपूर्ण रवैया में तुरंत बदलाव लाये और सुनिश्चित करे कि प्रत्येक पंजीकृत किसान अपनी उपज सही समय पर सम्मानपूर्वक बेच पाए।



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