धमतरी।वनमंडल धमतरी के वन परिक्षेत्र केरेगांव के अंतर्गत 22 मार्च की सुबह लगभग 7:30 बजे बांसीखाई बीट के आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 121 के जंगल में 1 नर नीलगाय उम्र लगभग 3 से 4 वर्ष मृत पाई गई। मृत नीलगाय के गर्दन, पेट एवं पिछले भाग में तीर लगा हुआ पाया गया। प्रथम दृष्टया शिकारियों द्वारा शिकार करने के उद्देश्य से नीलगाय का शिकार होना पाया गया। नीलगाय के अवैध शिकार की सूचना वन परिक्षेत्र अधिकारी एवं वन अमलों को मिलते ही मौके पर समय पर पहुंचकर शिकारी आरोपियों की पतासाजी शुरू की गई।कुछ संदिग्ध लोगों को बुलाकर पूछताछ की गई।
उदन्ती-सीतानदी टाईगर, रिजर्व गरियाबंद से डॉग स्कॉड बुलाकर डॉग की मदद से उनके द्वारा तीर को सुंघकर आरोपी के घर में घुसकर आरोपी मन्नू पिता लहर सिंग ग्राम-डोकाल द्वारा नीलगाय का शिकार किया जाना पुख्ता हुआ । आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत कार्यवाही की जारी है।आरोपी मन्नू एवं अन्य आरोपी शिकारी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
डी.एफ.ओ. धमतरी ने बताया कि वन्यप्राणियों के अवैध शिकार एवं वन अपराध को रोकने के लिए वन अमलों एवं वनमंडल स्तर पर गठित उड़नदस्ता स्ट्राईक फोर्स व गुप्तचरों के माध्यम से इसे रोकने का सतत् प्रयास जारी है।वनक्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणजन व आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि ऐसे अपराधों को रोकने में मदद करें तथा किसी भी प्रकार के वन अपराध का उन्हें पता लगने पर अपने नजदीकी वन परिक्षेत्र कार्यालय के रेंजर व अन्य स्टॉफ को सूचना देवें जिनका नाम गुप्त रखा जायेगा। साथ ही शासन स्तर पर वन अपराध को रोकने के लिए गुप्तचरों के लिए आवश्यक राशि पुरस्कृत के रूप में प्रावधान है। कार्यालय वनमंडलाधिकारी के दूरभाष नंबर 07722-238371 में भी फोन करके सूचित किया जा सकता है ।




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