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भोलेनाथ की नगरी बनेगा धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र,जल्द स्वीकृत होगा रुद्रेश्वर कॉरिडोर: रामू रोहरा

 


धमतरी। महापौर रामू रोहरा की पहल पर जिले के प्राचीन एवं आस्था के प्रमुख केंद्र रुद्रेश्वर मंदिर को धार्मिक पर्यटन के महत्वपूर्ण स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हो गई है। जल्द ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य शुरू होगा, इसके लिए प्रारंभिक बैठक हो चुकी है।

महापौर रामू रोहरा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल तथा पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा से मुलाकात कर रुद्रेश्वर कॉरिडोर परियोजना पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विश्वास जताया कि भोलेनाथ के आशीर्वाद से जल्द ही रुद्रेश्वर कॉरिडोर स्वीकृत होगा।


परियोजना के तहत मंदिर तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, कला मंच और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। मंदिर को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 2.5 किलोमीटर लंबा आकर्षक ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह कॉरिडोर नहर किनारे विकसित होगा, जहां फूलों के बगीचे, हरित पट्टी, सुंदर सड़क डिजाइन और पैदल यात्रियों के लिए विशेष पाथ-वे तैयार किए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्राकृतिक एवं सौंदर्यपूर्ण वातावरण का अनुभव मिलेगा।

योजना के अनुसार मंदिर परिसर में भव्य स्वागत द्वार का निर्माण किया जाएगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए दो व्यवस्थित पार्किंग स्थलों का निर्माण भी प्रस्तावित है। वहीं महानदी तट पर लगभग 15 फीट ऊंची आकर्षक प्रतिमा स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जो इस स्थल की नई पहचान बनेगी।


पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बोटिंग सुविधा विकसित करने की भी तैयारी है। घाटों का सौंदर्यीकरण, बैठने की आधुनिक व्यवस्था, हरित विकास और आकर्षक लाइटिंग के जरिए पूरे क्षेत्र को धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष केंद्र बनाया जाएगा।

महापौर ने बताया कि परियोजना का त्रि-आयामी (3-डी) मॉडल तैयार कराया जा चुका है। इसके तहत तीन मंजिला धर्मशाला, भोजन कक्ष, भोजनशाला, सभागार, गार्डन, स्वागत गेट और अन्य यात्री सुविधाओं का सुव्यवस्थित विकास किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

रुद्रेश्वर घाट एवं मंदिर परिसर के विकास कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने की तैयारी की जा रही है, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। साथ ही जिले में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।





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