रुद्री में थाना के बाजू शुभारंभ हुआ यह पुस्तकालय
भूपेंद्र साहू
धमतरी। शिक्षा को बढ़ावा देने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से धमतरी पुलिस ने "पुलिस पाठशाला" की शुरुआत की है। रविवार को पुलिस कंट्रोल रूम परिसर में इस विशेष पुस्तकालय का शुभारंभ प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने किया। यहां आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को निःशुल्क अध्ययन सामग्री और पुस्तकों की सुविधा मिलेगी। इस पहल को सफल बनाने के लिए जिले के अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने भी प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें दान की हैं। शुभारंभ के पश्चात डीजीपी ने पुस्तकालय का निरीक्षण किया उनके साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थी।
पुलिस कंट्रोल रूम परिसर में शुरू हुई "पुलिस पाठशाला" युवाओं के लिए ज्ञान का नया केंद्र बनेगी। यहां यूपीएससी, पीएससी, व्यापम और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी पुस्तकों की व्यवस्था की गई है। धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा, डीएफओ कृष्ण कुमार जाधव समेत कई अधिकारियों और समाजसेवियों ने पुस्तकें दान कर इस अभियान में सहभागिता निभाई है। कलेक्टर और डीएफओ ने अपने विचार भी रखे कि किस प्रकार से यह पुलिस की पाठशाला लोगों के लिए उपयोगी है। कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडे ने और आभार सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने व्यक्त किया। इस दौरान पुलिस के अधिकारी कर्मचारी, शहर के प्रबुद्ध जन, विभिन्न समाजों के प्रमुख मौजूद थे।मंच संचालन सुरेश साहू और उज्ज्वला साहू ने किया।
कैसे विचार आया
एसपी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि शिक्षा और मार्गदर्शन के माध्यम से युवाओं को बेहतर भविष्य की दिशा देना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। पुलिस की यह अनूठी पाठशाला अब जिले के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बनेगी।जब वे दंतेवाड़ा में पदस्थ थे तो युवाओं को देखकर लगता था कि काश उनके पास कोई विकल्प होता।यहां उन्होंने मूर्तरूप दिया। इसके बाद पेंड्रा में खोला गया, जो आज भी जारी है। जब छात्र थे तो 1000 की पुस्तक भी भारी लगती थी।इन्हीं सबसे प्रेरणा पाकर उन्होंने इसकी शुरुआत की।
पुस्तकालय के साथ कैरियर गाइडेंस भी हो
डीजीपी अरुण देव गौतम ने धमतरी की तारीफ करते हुए अपना उद्बोधन शुरू किया।उन्होंने कहा कि यह एक सराहनीय पहल है, इस मॉडल के रूप में पूरे प्रदेश में लिए जाने का प्रयास किया जाएगा। यहां । उन्होंने सलाह दिया कि सप्ताह में एक दिन मोटिवेशनल लेक्चर होनी चाहिए। एक अलग से रेक रखने के लिये भी उन्होंने कहा जिसमें व्यवहारिक ज्ञान की पुस्तकों के साथ कॉमिक बुक भी हो।







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