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ग्राम शंकरदाह में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, बारिश के बीच 8-10 मकान ढहाए गए

 


भूपेंद्र साहू

धमतरी। जिले से सटे ग्राम शंकरदाह में बुधवार को प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए नाली पर किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। मूसलाधार बारिश के बावजूद पुलिस बल और राजस्व अमले के साथ पहुंची जेसीबी मशीन ने नाली पर बनाए जा रहे लगभग 8 से 10 अधकचरे मकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से लंबे समय से चली आ रही जलभराव की गंभीर समस्या से ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।



​ग्राम शंकरदाह में सार्वजनिक नाली के ऊपर अवैध रूप से निर्माण किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। नाली अवरुद्ध होने के कारण बारिश के दिनों में गांव में पानी का निकास पूरी तरह बंद हो जाता था, जिससे:

  • जलभराव : गलियों और आहातों में पानी भर जाता था।
  • रपटा प्रभावित: पानी का बहाव रुकने से पास के रपटे (पुलिया) के ऊपर से पानी बहने लगता था, जिससे आवागमन ठप हो जाता था।

​ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए ग्राम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर इन अतिक्रमणों को हटाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद ग्राम पंचायत द्वारा पारित प्रस्ताव की प्रति जिला प्रशासन को भेजकर पुलिस व प्रशासनिक सहायता मांगी गई थी।

बरसते पानी में हुई सख्त प्रशासनिक कार्रवाई

​बुधवार को तय योजना के तहत राजस्व विभाग की टीम, भारी पुलिस बल और जेसीबी (बुलडोजर) के साथ ग्राम शंकरदाह पहुंची। बारिश होने के बावजूद प्रशासन ने अपनी कार्रवाई नहीं रोकी।

  • कार्रवाई का तरीका: नाली के ऊपर 8 से 10 लोगों द्वारा किए गए आधे-अधूरे निर्माण (निर्माणाधीन मकानों) को जेसीबी से तोड़ा गया।
  • सफाई कार्य: अतिक्रमण हटाते ही तुरंत नाली की सफाई करवाकर पानी के निकास का मार्ग पूरी तरह साफ किया गया।

"शंकरदाह में नाली के ऊपर लगभग 8 से 10 लोगों द्वारा अवैध रूप से मकानों का निर्माण कराया जा रहा था। इस संबंध में ग्राम सभा से अतिक्रमण हटाने का प्रस्ताव पारित कर भेजा गया था। बुधवार को पुलिस प्रशासन के सहयोग से इन आधे-अधूरे बने मकानों को ढहा दिया गया है। नाली साफ होने से अब क्षेत्र में जलभराव और रपटे के ऊपर पानी चढ़ने की समस्या से पूर्ण राहत मिलेगी।"

दुर्गेश तंवर, नायब तहसीलदार


​💡 कार्रवाई का प्रभाव

​इस कार्रवाई के बाद गांव के निकास मार्ग की नाली पूरी तरह साफ हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि नाली खुलने से अब बारिश के पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सकेगी और रपटे पर पानी चढ़ने से होने वाली दुर्घटनाओं तथा आवागमन की बाधा से मुक्ति मिलेगी।

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