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Updt 6 PM:गंगरेल बांध से 14 गेट खोलकर महानदी में 2.51 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज

 


 रुद्रेश्वर घाट में भी चढ़ा पानी, देखने के लिए लोग लगातार पहुंच रहे,निचले इलाकों में सतर्कता जरूरी


भूपेंद्र साहू

धमतरी, 25 सितंबर। जिले के प्रमुख गंगरेल बांध में जलभराव लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। शुक्रवार शाम 6 बजे तक बांध 96.54 प्रतिशत भर चुका था। बांध का वॉटर लेवल 348.42 मीटर दर्ज किया गया।


जलाशय में पानी की आवक लगातार बनी हुई है। शाम 6 बजे तक बांध में 1,77,006 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई, जबकि जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए 2,51,450 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके लिए गंगरेल बांध के 14 रेडियल गेट खोले गए हैं। इन गेटों से निकल रहा पानी सीधे महानदी के जलप्रवाह को बढ़ा रहा है।

बांध में वर्तमान में (Live)26.146 टीएमसी यानी 740.48 एमसीएम पानी उपलब्ध है। भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी में जलप्रवाह तेज हो गया है। ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।



मुरूमसिल्ली जलाशय

 99.10% आवक 15207 क्यूसेक, जावक 11472 क्यूसेक

दुधावा जलाशय 

100% आवक 44595 क्यूसेक, जावक 25492 क्यूसेक

सोढ़ुर जलाशय 

87.74% आवक 28726क्यूसेक, जावक 27024 क्यूसेक 

 रुद्री बैराज से 4000क्यूसेक नहर में और महानदी में 247000 क्यूसेक छोड़ा जा रहा है जिसे आगे और बढ़ाया जा सकता है।



नदी किनारे जाने से बचें

बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के मद्देनजर लोगों को महानदी और अन्य जलधाराओं के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है। नदी में नहाने, मछली पकड़ने, नाव चलाने या नदी के तेज बहाव वाले हिस्सों में जाने से बचना चाहिए। विशेषकर बच्चों को नदी और जलाशय के आसपास न जाने दें।नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति को देखते हुए निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग की ओर से जारी सूचना का पालन करने की अपील की गई है। जल संसाधन विभाग द्वारा बांध की आवक-जावक और जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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