भूपेंद्र साहू
धमतरी। स्वामी आत्मानंद स्कूल उत्कृष्ट विद्यालय बठेना में पहले निकाले गए लाटरी को नियम विरुद्ध बताते हुए 18 मई को पुनः लॉटरी निकाली जा रही थी, जिसका पालकों ने जमकर विरोध किया।इस दौरान पालकों ने इसके लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड की पार्षद को जिम्मेदार बताया। जिला प्रशासन को शिकायत के बाद प्रक्रिया रुक गई है।
मेहतरू राम धीवर उत्कृष्ट विद्यालय में एलकेजी,पहली और नवी कक्षा के लिए 141 सीटों के लिए 10 मई को लॉटरी निकाली गई थी। जिसका पुनः गुरुवार को लॉटरी निकालने पर पालकों ने विरोध जताया।पालकों ने कहा कि 10 मई को चयनित विद्यार्थियों की सूची नोटिस बोर्ड में लगाई गई थी जिसके आधार पर सभी पालक आवश्यक दस्तावेज 15 मई तक जमा कर चुके थे। अब यह बताया जा रहा है कि 18 मई को पुनः लॉटरी निकाली जाएगी। सभी पालक इसे निरस्त करने की मांग करते हैं। पालकों ने बताया कि सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड की पार्षद लुकेश्वरी साहू के एक आवेदन पर इसे निरस्त कर दिया गया। कितनी मेहनत से बच्चों का टीसी निकालकर यहां जमा कर चुके हैं अब हमारे साथ क्या होगा।परेवाडीह की खुलेश्वरी मेश्राम, हेमलता सोनवानी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि पटवारी, ग्राम पंचायत का चक्कर काटकर सभी दस्तावेज इकट्ठा किए थे। चयन सूची में बच्चों का नाम आने पर वह बेहद उत्साहित है। अब पुनः लॉटरी कहा जा रहा है जो कि गलत है।
ज्ञानचंद लोहार ने कहा कि वह परसतराई के निजी विद्यालय से 2 बच्चों का टीसी निकाल कर ला चुके हैं और पहले एडमिशन भी हो गया था। इसमें कहीं न कहीं धांधली है, तभी पुनः लॉटरी निकाली जा रही है। इस बीच एक पालक ने अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक से फोन पर बात की।एडीएम ने सहायक संचालक लक्ष्मणराव मगर से बात की और वस्तुस्थिति से अवगत हुए।लॉटरी को रुकवाने के बाद सभी पालक कलेक्टोरेट पहुंचे। आवेदन देने वालों में प्रमुख रूप से झम्मन लोहार,सुरेश कुमार, बालेश्वर मौर्य, धर्मेंद्र गजेंद्र, सुनील सिन्हा, हरीश साहू, रवि कुमार, पूनम गिरी, धर्मेंद्र सिन्हा, ममता सिन्हा, विजय, सावित्री, खिलेश, डायमंड, नम्रता, भावेश ऋतू, यशोदा,रमाकांत आदि थे।
गलत होने पर की थी शिकायत
पार्षद लुकेश्वरी साहू ने बताया कि 10 मई को जिस दिन लॉटरी निकाली गई उसी दिन उन्हें गलत होने का एहसास हुआ था।प्रभारी प्राचार्य से उन्होंने इसे रोकने कहा लेकिन नहीं सुना गया। फोन पर डीईओ को इसकी शिकायत भी की थी फिर भी नहीं सुनी गई।आखिरकार 15 मई को उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन देकर पुनः लॉटरी के लिए आवेदन किया था। उन पर भेदभाव का आरोप लगाना गलत है।पहले नियम का पालन नहीं हुआ था।
स्वामी आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य एन पांडे ने बताया कि लॉटरी में 50% लड़कियों को 25% बीपीएल 25% रेंडम निकाला जाता है। जिसमें बीपीएल एपीएल भी शामिल होते हैं। 50% लड़कियों और 25 प्रतिशत बीपीएल में सही हुआ। 25% में थोड़ी गड़बड़ी हुई थी। वह पहले लॉटरी के दौरान अनुपस्थित थे। जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशानुसार 18 मई को पुनः लॉटरी की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसका पालकों ने विरोध किया है। फिलहाल लॉटरी की प्रक्रिया को रोक दी गई है।






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